आवश्यक संशोधन और परिमार्जन के बाद ही एमसीसी स्वीकार्य हो सकता हैः प्रचण्ड

काठमांडू, २५ दिसम्बर । नेकपा माओवादी केन्द्र के अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने कहा है कि एमसीसी में आवश्यक संशोधन और परिमार्जन होना चाहिए, उसके बाद ही उसको स्वीकार किया जा सकता है । आज काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए अध्यक्ष प्रचण्ड ने कहा– ‘एमसीसी में आवश्यक संशोधन और परिमार्जन करने के बाद ही हम लोग उसको आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं । बिना परिमार्जन और संशोधन एमसीसी पास नहीं हो सकता ।’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित और नेपाली जनता की भावना को केन्द्रबिन्दू में रखकर काम करने की आवश्यकता है । उन्होंने जानकारी दी है कि इसके संबंध में सत्ताधारी गठबन्धन के बीच विचार–विमर्श भी हो रही है ।
अध्यक्ष प्रचण्ड ने यह भी कहा है कि अनुदान स्वरुप प्राप्त रकम वापस करना भी ठीक नहीं है । उन्होंने आगे कहा– ‘नेपाल को प्राप्त होनेवाला सहयोग राशी वापस किया जाए, ऐसी चाहना भी हम लोगों का नहीं है । पूर्वधार विकास के लिए नेपाल को पैसा आवश्यक है । लेकिन केपी ओली और अर्थ मन्त्रालय के बीच जो कुछ हुआ है, उसके कारण कई आशंका हो रही है । उसको संबोधन किए बिना एमसीसी को आगे बढ़ाना अमेरिका और नेपाल दोनों राष्ट्र के हित में नहीं है ।’

