भोजपुरीया प्रदेश और बीरगंज राजधानी के लिए आन्दोलन समिति बनी।

रेयाज आलम, बीरगंज,२०७८ माघ ६ गते। प्रदेश २ के प्रदेश सभा से नाम “मधेश” और राजधानी “जनकपुर” का निर्णय होने के बाद बीरगंज में आक्रोश का माहौल है। बिरोध प्रदर्शन का क्रम लगातार जारी है, पहले खबरदारी करते हुए ज्ञापन और धारणा कार्यक्रम हुआ, राजधानी का निर्णय होते ही मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष का पुतला दहन और उनके घर पर तोडफ़ोड़ भी हुआ। अब बीरगंज के आक्रोश को संस्थागत बिद्रोह में रुपान्तरण करने की तैयारी शुरू हो रही है।
बीरगंज को राजधानी नही बनाने के बिरोध में आन्दोलन को निरन्तरता देते हुए बीरगंज में बुधवार को सम्पन्न सर्वपक्षीय बैठक किया गया। बैठक में पर्सा से प्रदेश सभा में नेतृत्व करने वाले प्रदेशसभा सदस्य प्रहलाद गिरी, शंकर चौधरी, राजेश्वर साह तेली, भिमा यादव, रागिनी वरनवाल, रमेश कुर्मी, जन्नत अन्सारी, मन्जुर अन्सारी, पारस साह तेली, करिमा बेगम की सहभागिता रही ।
बैठक में बीरगंज को राजधानी बनाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से बिद्रोह करने के लिए सभी पेशागत समूह और सभी नागरिक के सहभागिता के लिए नेपाल बार एशोसिएशन, पर्सा के पूर्व अध्यक्ष पन्नालाल गुप्ता तथा बर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता के संयोजन में कमिटी गठन किया गया। बैठक में भोजपुरीया प्रदेश और बीरगंज को राजधानी बनाने का उद्धघोष किया गया ।
बैठक में आन्दोलन के कार्यक्रम को निरन्तरता देने का निर्णय किया गया। बैठक में नेकपा एमाले के नेता सुन्दर कुर्मी, शम्भू गुप्ता, नेपाली कांग्रेस पर्सा के अध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी, नगर सभापति भोला कलवार, बिजय सर्राफ, बीरेन्द्र यादव, लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी के मुस्तकिम अन्सारी, मुकेश द्विवेदी, महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश सर्राफ, शशी पाण्डे, फणिन्द्र चौहान, जनता समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष ईश्वरचन्द्र यादव, नेकपा एकिकृत समाजवादी के शंकर कुमार कर्ण समेत अन्य नेता की सहभागिता रही।


