इस वर्ष महाशिवरात्रि पर बन रहा है अद्भुत संयोग:-आचार्य राधाकान्त शास्त्री
शास्त्रों के अनुसार इस वर्ष यानी 1 मार्च मंगलवार 2022 को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। कहा जाता है हिंदू धर्म के सभी देवी देवताओं में सबसे आसान भगवान शिव को प्रसन्न करना होता है। ऐसे में प्रत्येक वर्ष में 12 मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है और *साल में एक बार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है।*
इस दिन भगवान शिव की प्रसन्नता प्राप्त करना और भी ज्यादा आसान होता है।
*जो कोई भी व्यक्ति सच्ची श्रद्धा भक्ति के साथ महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना करता है और जप पाठ करता है उससे भगवान शंकर अवश्य प्रसन्न होते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।*
इस वर्ष मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि पर दुर्लभ योग भी बन रहा है।
*महाशिवरात्रि पर वर्षों बाद बन रहा है दुर्लभ योग:-*
इस वर्ष शिवरात्रि के दिन शुक्र, शनि, मंगल, बुध की स्थान राशि अत्यंत ही महत्वपूर्ण है।
*जबकि कालसर्प योग में शिवपूजन विशेष होगा। इस वर्ष शिवरात्रि में दिन में 19:38 से ‘शिवयोग’ पूरा दिन और पूरी रात भर बन रहा है। जिसे अत्यंत ही कल्याणकारी योग कहा जाता है जो अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहा है और इसके बाद अगले दिन ‘सिद्धि योग’ शुरू हो जाएगा। मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि, शिव और सिद्धि योग विशेष शुभ योग होता है और इस योग में किया गया कोई भी काम सफल होता है।* ऐसे में सबको
*इस योग में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने की सलाह दी जाती है। इसके अंतर्गत की गई पूजा सफल होती है और हर मनोकामना भी पूरी होती है।*
*महाशिवरात्रि विशेष:-*
*1 मार्च 2022 मंगलवार को निशीथ काल पूजा मुहूर्त स्थिर वृश्चिक लग्न में:- 11:12 से रात्रि 1:29 तक विशेष लाभकारी होगा।*
*महाशिवरात्री पारणा मुहूर्त:- 2 मार्च को प्रातः 08:10 से सायं 4:24 तक कर लेना अत्यंत ही महत्वपूर्ण और लाभकारी होगा।*
*महाशिवरात्रि कथा:-*
महाशिवरात्रि से संबंधित कई कथाएं प्रचलित हैं। एक कथा के अनुसार बताया जाता है कि , माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में हासिल करने के लिए कठिन तपस्या और व्रत किया था। बताया जाता है कि इस तपस्या और व्रत के प्रभाव से ही फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। माना जाता है कि, यही कारण है कि महाशिवरात्रि को अत्यन्त महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है।
*शिवलिंग पूजा:-* *भगवान शिव को प्रसन्न करना वैसे भी अत्यंत आसान होता है। ऐसे में जो कोई भी भक्त भगवान शिव की पूजा में शिवलिंग पूजा को महत्व देता है और विधि विधान से शिवलिंग पूजा करता है उससे भगवान बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। ऐसे में इस वर्ष महाशिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष और त्रिपुंड धारण कर शिवलिंग जल, गंगाजल, दूध, दही, घी, मधु, शक्कर, गन्ने का रस, भांग, धतूरा, बेलपत्र, फूल, दुभ, चंदन, अक्षत, भस्म, धूप, दीप, नैवेद्य, फल, मिठाई, दक्षिणा, आरती से पूजा करना बिल्कुल भी ना भूलें।*
*इस दिन मनचाहा वर पाने के लिए कुंवारी कन्या और अखंड सौभाग्य के लिए स्त्रियां व्रत रख सकती हैं। भगवान शिव प्रसन्न होने पर कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर और स्त्रियों को अखंड सुख सौभाग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। ऐसे में शिवरात्रि के दिन स्त्रियों और कुंवारी कन्याओं को सुबह स्नान आदि के बाद मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित उपरोक्त विधि से पूजन करने की सलाह दी जाती है। इस दिन शिव के साथ मां गौरी की पूजा भी अवश्य करें। ऐसा करने से आपका विवाह आपके मनचाहे साथी के साथ और शीघ्र अवश्य होता है।*
*ग्रहों की शांति के लिए इस दिन अवश्य करें रुद्राभिषेक:-*
*कुंडली में यदि कोई भी ग्रह अ-शांत स्थिति में हो तो व्यक्ति के जीवन में उथल-पुथल मच जाती है। ऐसे में यदि आप भी इस परेशानी से पीड़ित हैं तो महाशिवरात्रि के दिन आपको शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने की सलाह दी जाती है। इस अत्यंत ही सरल उपाय को करने से व्यक्ति की कुंडली में मौजूद नव-ग्रह दोष शांत होता है।*
*पति की लंबी आयु के लिए अवश्य करें यह काम:-*
*यदि शिवरात्रि के दिन सही विधि विधान से पूजा की जाए तो विवाहित स्त्रियों के पति की आयु बढ़ जाती है। महाशिवरात्रि के दिन स्नान आदि करके मां पार्वती के साथ भगवान शिव का पूजन करें। इसके बाद मां को श्रृंगार के सामान भेंट करें। ऐसा करने से विवाहित स्त्रियों के पतियों के लिए उम्र लंबी होती है।*
*भगवान शिव को अवश्य चढ़ाएं बेलपत्र:-*
*भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में शिवरात्रि की पूजा में भी इस बात का विशेष ध्यान रखें। ऐसा करने से भोलेनाथ आप पर अवश्य प्रसन्न होते हैं आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।*
*कालसर्प दोष एवं शनि दोष दूर करने के लिए करें यह उपाय:-*
*जिन व्यक्तियों की कुंडली में राहु एवं शनि दोष मौजूद होता है उन्हें महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को सर्प एवं शमी के पत्र चढ़ाने तथा विशेष सर्पसूक्त एवं शनि स्तोत्र से अभिषेक करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से शनि ग्रह शांत होता है और कुंडली में मौजूद शनि की साढ़ेसाती शनि की ढैया या कोई भी अशुभ योग का प्रभाव कम होने लगता है।*
*महाशिवरात्रि महोत्सव 2022 में आप समस्त शिव भक्त एवं आदरणीय महानुभाओं को शिव पूजन, दर्शन, महाप्रसाद, शिव बारात, एवं रात्रि जागरण में सहभागिता हेतु सदर निवेदन पूर्वक सागर पोखरा शिवमंदिर बेतिया के प्रांगण मर आमंत्रित किया जाता है।… 🙏🙏*
*महादेव सबकी सुख सौभाग्य, उत्तम दाम्पत्य सुख, आयु आरोग्यता, नौकरी व्यवसाय, सन्तति सन्तान सुख बनाए रखें, आप सपरिवार स्वस्थ दीर्घायु और तेजस्वी बनें, आप सबकी प्रसन्नता के साथ सभी कार्यों में सफलता बनी रहे। महादेव सबको सब प्रकार से सभी खुशियां देते रहें।आप सबके सम्पूर्ण कुशलता के लिए महादेव से मेरा नित्य निवेदन …*
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*हरि ॐ गुरुदेव..!*
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*ज्योतिषाचार्य आचार्य राधाकान्त शास्त्री*
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