सरकार नागरिकों को परेशान करने पर उतार आया हैः महामंत्री प्रदीप पौडेल

काठमांडू, २७ अप्रैल । प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने सरकार पर नागरिकों के खिलाफ जबरन बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है । सोमवार को काठमांडू स्थित सानेपा में कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने ऐसा कहा है । सुकुम्बासी बस्तियों को हटाने के सरकार के कदम पर भी उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई ।
महामंत्री पौडेल का कहना है कि सरकार ने वास्तविक सुकुम्बासियों की पहचान किए बिना ही जल्दबाजी में कार्रवाई कर उन्हें अनावश्यक पीड़ा दी है । उन्होंने कहा, “यह पूरा मामला अत्यधिक हड़बड़ी और जबरदस्ती का प्रतीत होता है । यदि कोई अवैध रूप से बसा था, तो यह कहना हमारा उद्देश्य नहीं है कि उन्हें हटाया ही न जाए । लेकिन उचित समय देकर, प्रक्रिया पूरी करके और गहन जांच के बाद ऐसा किया जाना चाहिए था, ताकि वास्तविक सुकुम्बासियों को नुकसान न पहुंचे ।”
उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से सरकार ने डोजर लगाकर बस्ती हटाई, उससे राज्य का रवैया सहयोगी के बजाय दमनकारी नजर आया । “यह पूरी तरह से जोर–जबरदस्ती जैसा लगा । राज्य का काम नागरिकों को सहयोग देना होता है, न कि उन्हें डराना या पीड़ा देना,” पौडेल ने कहा ।
महामंत्री पौडेल ने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए बस्ती हटाने का निर्णय लेकर ‘जो चाहे कर सकते हैं’ जैसी मानसिकता प्रदर्शित की है । उनका कहना था कि वे सरकार की कार्रवाई का विरोध इसलिए नहीं कर रहे हैं कि बस्ती हटाई गई, बल्कि इसलिए कि इस प्रक्रिया में वास्तविक सुकुम्बासियों को अनावश्यक कष्ट दिया गया, जो राज्य की जिम्मेदारी निभाने जैसा नहीं दिखता ।

