Wed. Feb 21st, 2024

नेपाल में चीनी नागरिकों का अपराध संजाल, दो चीनी नागरिक सहित १५० नेपाली नागरिक हिरासत में



काठमाडौ के मध्य बानेश्वर और भक्तपुर के ठिमी से प्रहरी ने फागुन १० गते को दो चीनी नागरिक को नियन्त्रण में लिया है।  उनके साथ ही ११५  नेपाली नागरिक भी हिरासत में लिए गए हैं। ये सभी चीनी निवेश में  सञ्चालित काल सेन्टर के कर्मचारी हैं।

पकडाने वाले में ६०  महिला कर्मचारी हैं। ५६ युवा हैं । चीनी नागरिक वर्ष २९ के वाङजिनाओ और छाङ हुई बाओ निवेश कर्ता हैं ।   पुराने बानेश्वर के ‘लेमन ग्रुप अफ कम्पनी’ और सानो ठिमी के कल सेन्टर से चीनी नागरिक  ऋण में निवेश किया करते थे । यह निवेश अनलाइन एप्स के द्वारा किया जाता था और उसके बाद एक सप्ताह में ही ब्याज की बडी रकम वसूली जाती थी ।

‘भारत मे् टेलिभिजन और सामाजिक सञ्जाल में विज्ञापन बुस्ट करा कर ऋण लेने के लिए आकर्षित कराया जाता था’ महानगरीय प्रहरी परिसर काठमाडौँ के प्रवक्ता (एसपी) दिनेशराज मैनाली कहते हैं–‘कम  समय के लिए ऋण देने और उसके बाद धमका कर अधिक ब्याज सहित रकम वसूलने की बात प्रारम्भिक अनुसन्धान से पता चल रही है ।’

काल सेन्टर  नेपाली के नाम पर दर्ता किया गया है । पर्यटक भिसा में नेपाल में रह रहे  छाङ हुई बाओ ने सिन्धुली के दीपक श्रेष्ठ के नाम पर ‘लेमन ग्रुप अफ कम्पनी’मे निवेश किया था । वहाँ काम करने वाले कर्मचारी चीनी ऋण लेने वाले को पैसा का  ब्याज नहीं देने वाले भारतीयों को धमकाने का काम किया करते थे ।

नेपाल में रह कर भारत में इजी क्रेडिट, फ्री क्यास, ह्याण्डी लोन, गो लोन, रुपी स्टार और हाई क्यास लगायत के मोबाइल एप्स द्वारा ऋण निवेश किया था । भारतीय नागरिक को एक सप्ताह के लिए  मोबाइल एप्स में ‘लोन एप्लाई’ करना होता था । एक व्यक्ति को २ हजार से २० हजार और ३ हजार से ३० हजार भारतीय रुपैयाँ प्रवाह किया जाता था। उक्त ऋण एक सप्ताह में ब्याज सहित वापस करना होता था । ऋण के लिए आवेदन करते समय ग्राहक अपने आधार कार्ड का सभी विवरण भरना होता था । ऋण लेने के सात दिन के बाद ही सात  ३५ प्रतिशत जोड कर वापस नहीं करने पर धमकाया जाता था और परेशान किया जाता था ।

पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक ऐप के जरिए तीसरे देशों में चीनी नागरिकों द्वारा किए गए अपराध को ‘ऑनलाइन घोटाला’ करार दिया है। पैसे के किसी भी स्रोत का खुलासा नहीं किया गया है। अनुसंधान से पता चला है कि लेमन ग्रुप ऑफ कंपनीज, जिसने चांग हुई बाओ में निवेश किया है, का दैनिक कारोबार एनआर ६० मिलियन है। पुलिस ने नए तरह के अपराध का पता लगाने के बाद जांच के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों की मदद मांगी है। काठमांडू मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एसएसपी सुदीप गिरी ने रतोपति को बताया कि पुलिस मुख्यालय, साइबर ब्यूरो और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की मदद से जांच की जा रही है। “हम विशेषज्ञों की मदद से शोध कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।

सानोठिमी में कॉल सेंटर चलाने वाले वांगजिनाओ पिछले कुछ समय से सन सिटी अपार्टमेंट के कमरा नंबर १२०६ में रह रहे हैं। पता चला है कि वह तीन महीने के टूरिस्ट वीजा पर नेपाल में भी रह रहा है। उसने सानोठिमी में तीन मंजिला मकान किराए पर लिया था और ७९ कर्मचारियों को एप के जरिए कर्ज देने के लिए काम पर रखा था। भक्तपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डीएसपी राजू पांडे के मुताबिक कॉल सेंटर से १४ डेस्कटॉप कंप्यूटर, ४८ लैपटॉप और दो आईपैड बरामद किए गए.

ऑनलाइन ऐप्स के जरिए रोजाना ५०,००० तक लोग कर्ज मांग रहे थे। हालाँकि, चीनी एक दिन में १०,००० लोगों का ऋण स्वीकृत करते थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि प्रकाशकों और जुआरियों ने कर्ज लिया था।

बैंकों और वित्तीय संस्थानों में अवधि अधिनियम

पुलिस बैंकिंग और वित्तीय संस्थान अधिनियम -२०७३ के तहत ऑनलाइन ऐप के माध्यम से भारत में मीटर ब्याज जमा करने वालों की जांच कर रही है। अदालत ने काठमांडू से गिरफ्तार लोगों को पांच दिन और भक्तपुर से गिरफ्तार लोगों को सात दिन की हिरासत में भेजा है. चीनी नागरिकों द्वारा नेपाली कर्मचारियों को १५ से ६० हजार रुपये का भुगतान किया गया।



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