लोसपा के पास राजनीतिक विचार, सिद्धान्त और एजेण्डा नहीं हैः डा. भट्टराई

काठमांडू, १२ मार्च । जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) के संघीय परिषद् अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराई ने कहा है कि लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के पास अपनी खास राजनीतिक विचार, सिद्धान्त और एजेण्डा नहीं है । आज शनिबार से काठमांडू में शुरु जसपा संघीय परिषद् बैठक में अपनी राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए डा. भट्टराई ने ऐसा दावा किया है ।
डा. भट्टराई ने अपनी राजनीतिक प्रतिवेदन में लोसपा पर टिप्प्णी करते हुए कहा है– ‘लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी की विचार, सिद्धान्त और एजेण्डा प्रष्ट नहीं है, प्रतिमगन को साथ देना है या नहीं, इसी विषय को लेकर जसपा पार्टी में विभाजन हो गया । ओली सरकार द्वारा दो–दो बार असंवैधानिक रुप से संसद् बिघटन हुआ, जो गलत था, लेकिन उसी सरकार में सहभागी होना और भी आत्मघाती थी, यह तो व्यवहार से ही पुष्टी हुई है । इसीलिए लोसपा पार्टी के संबंध में अधिक विश्लेषण आवश्यक नहीं है ।’
इसीतरह डा. बाबुराम भट्टराई ने कांग्रेस और एमाले के संबंध में कहा है कि नीतिगत रुप में ये दो पार्टी के बीच खास भिन्नता नहीं है । उन्होंने कहा है कि उत्पीडित राष्ट्रीयता की पहचान, अधिकार और मुक्ति, शासकीय स्वरुप और निर्वाचन प्रणाली परिवर्तन की सवाल में नेकपा माओवादी केन्द्र कांग्रेस और एमाले की तुलना में उदार तो है लेकिन माओवादी भी इसको अवरवाद के रुप में प्रयोग कर रही है । उनका कहना है कि नेकपा एमाले के साथ पार्टी एकता कर माओवादी ने उल्लेखित सभी विषय को छोड़ दी थी और एमाले तरह ही बन गई थी । उन्होंने आगे कहा है कि नेकपा विभाजन के बाद भी एमाले और माओवादी के बीच खास भिन्नता नजर नहीं आ रही है ।

