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नेपालगन्ज में नेपाल भारत के पत्रकारों बीच सीमा नाका समस्या पर बृहत चर्चा

 

नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल चैत्र २० गते । बाँके जिला के नेपालगन्ज में नेपाल–भारत के पत्रकारों बीच सीमा नाका लगायत की समस्याओं पर बृहत चर्चा चैत्र १९ गते शनिवार को की गयी ।
मधेश मिडिया मिसन नेपाल बाँके शाखा द्वारा आयोजित होली मिलन कार्यक्रम और सीमा नाका सम्बन्ध में मिडियाकर्मिओं की भूमिका सम्बन्ध में आयोजित अन्तरक्रिया कार्यक्रम में मित्र राष्ट्र भारत की ओर से सभी समस्याएँ को समाधान करने के लिये सहमति हुई है ।
मधेश मिडिया मिसन नेपाल बाँके शाखा के अध्यक्ष चन्दे्रश्वरराज त्रिपाठी द्वारा सञ्चालन किया गया । कार्यक्रम में उत्तरप्रदेश जिला बहराइच के पत्रकार अजयमिश्रा ने कहा कि नेपाल–भारत बीच की सम्बन्ध ज्यादा ही प्राचीन रही है । इस को और प्रगाढ बनाना जरुरी है । नेपाल–भारत बीच सीमा है लेकिन सम्बन्ध दोनों देशों के बीच अटूट है । राजनीति में एकता नही है तो भी जनता में एकता है । उन्हों ने कहा मैंं नेपाल की सौन्दर्यता अवलोकन करने के लिये आता रहता हूँ ।
इसी तरह पत्रकार राजीव शर्मा ने कहा–हमारी धर्म, संस्कृति और सभ्यता एक है, इस का संरक्षण सम्बद्र्धन दोनों देश के जनता को मिलकर करना जरुरी है । उन्हों ने बादलवन को बरस जाने दो‘.. कविता का कार्यक्रम में वाचन करते हुये दोनों देश बीच की एकता पर जोड दिया था । भारतीय पत्रकार बनारस गिरी ने वह कार्यक्रम में सरस्वती बन्दना करके अपनी धार्मिक संस्कृतिक एकता पर प्रकाश डाला था । सीमावर्ती क्षेत्र रुपैइडीहा के वरिष्ठ पत्रकार हिन्दुस्तान राष्ट्रीय दैनिक के रिर्पोटर बयोबृद्ध पत्रकार मनीरामशर्मा ने कहा मैं लम्बे समय से नेपालगन्ज का समाचार संकलन करने के लिये आता रहता हूँ । उन्हों ने कहा जब यहाँ पर २०६२÷०६३ में जनआन्दोलन हुआ था उस समय पर यहाँ की जनता का मुहँ बन्द किया गया था उस समय मैने निरंकुशता की अंत के लिये रुपैडियहा में नेपाली पत्रकारों ने सीमा में आन्दोलन करने के लिये ज्यादा सहयोग किया और सभी पत्रकारों के रहने और खाने की व्यवस्था समेत किया । नेपाल में जब–जब समस्याएँ आती है तो मेरा मन दुःखता है और उन समस्याओं का समाधान करने के लिये सदैव तत्पर रहता हूँ   । यह सम्बन्ध अगामी समय तक भी कायम रहना चाहिये, क्यों कि हम दोनों के बीच नख और माँस, रोटी-बेटी का सम्बन्ध है । एक दूसरे को सहयोग करना हमारा परम धर्म है वरिष्ठ पत्रकार मनीराशर्मा ने कहा । इसी तरह जब कोरोना का कहर  था उस समय  नेपाली भारत में काम करके अपने घर वापस जा रहें थे । नेपाल के सुरक्षाकर्मियों ने  लोगों को नेपाल की ओर से वो बेचारे को फिर वापस कर दिये, सीमा में वो लोग भूंखें प्यासे पडे हम लोगों ने सभी को खाने  और रहने की व्यवस्था किया  ।
इसी तरह भारतीय पत्रकार आदित्यभान सिंह ने भी नेपाल–भारत एकता पर बल देते हुये कहा– भगवान राम का विवाह नेपाल के जनकपुर में माता सीता के साथ हुआ था । ऐसे ही त्रेताकाल से ही दोनों देश बीच सम्बन्ध रहा है । यह सम्बन्ध को हम लोग कभी भी नही भूल सकते है अगर भूल गये तो बेइमानी होगी  ।
नेपाल की ओर से नेपाल पत्रकार महासंघ बाँके शाखा के पूर्व अध्यक्ष तथा वरिष्ठ पत्रकार नीरज गौतम ने कहा पत्रकारों के लिये कोई सीमा नही होती है । यह सभी क्षेत्र पर कार्य करती है, सत्य के लिये पत्रकार काम करते हैं, असत्य अगर बढ्ने लगा तो उस को अपराध की श्रेणी में रखकर उस के विरुद्ध में कलम चलाते हैं । सीमा नाका में विभिन्न समस्याएँ हैं, भारत के विभिन्न स्थानों में रोजगार करके वापस लानेवाले लोग पर लूटपाट, चेलीबेटी बेचबिखन, दहेज लगायत की समस्याएँ अपराध हैं । ऐसी समस्या की निराकरण करनेके लिये दोनों देश के पत्रकारों को मिलकर कार्य करना जरुरी है ।
नेपाल टेलिभिजन क्षेत्रीय प्रसारण केन्द्र कोहलपुर के प्रमुख पत्रकार विजयवर्मा ने कहा – पत्रकारिता की डाइग्नेसन में पहले से अधिक ही परिवर्तन आ चुका है । यहाँ हमारा मुख्य कार्य है विचार को प्रवाह करना, सत्य बात करना, दोनों देश बीच राजनीतिक सम्बन्ध कम है लेकिन धार्मिक, सांस्कृतिक सम्बन्ध अधिक है । हम लोग धार्मिक, सांस्कृतिक सम्बन्ध कायम रखने में सफल हुये तो सभी समस्याएँ का समाधान खुद हो जाएगा। राजनीति में परिवर्तन होता रहता है लेकिन सम्बन्ध में परिवर्तन आने नही देना है । अभी तक देखा गया है राजनीति ने दोनों देश बीच विखण्डता लायी है लेकिन धार्मिक, सांस्कृतिक सम्बन्ध से दोनों देश के नागरिक एकताबद्ध है, यह कार्य दीर्घ समय काल के लिये रहना जरुरी है । जनमत अद्र्ध साप्ताहिक के सम्पादक तथा वरिष्ठ पत्रकार पूर्णलाल चुके ने कहा हम दोनों देश के पत्रकार बीच सम्बन्ध विगत से ही प्रगाढ है । इसी अनुसार दोनों देश के पत्रकार मिलकर कार्य करते आ रहें हैं । अब पत्रकार विभिन्न समस्या को मिलाकर एकताबद्ध होना चाएिये बातों पर जोर दिया । वरिष्ठ चित्रकार, साहित्यकार श्यामानन्द सिंह ने भी कविता वाचन करते हुये कहा – अपना बच्चा रोता है तो दिल में दर्द होता है, दूसरे का बच्चा रोता है सिर में दर्द होता है।
पूर्वमन्त्री सर्वदेव ओझा ने– नेपाल–भारत बीच की सम्बन्ध आज का नहीं है ज्यादा ही प्राचीन है। मैं मन्त्री था तब भी दोनों देश बीच की एकता पर बल देता था आज भी एकता पर ही बल देता हूँ। आज की पत्रकारिता पर उन्हों ने कहा अभी पत्रकारिता का स्वरुप बिगडता जा रहा है प्रिन्ट मिडिया लोप हो रही है । इस के बदले में अनलाईन और इलेक्ट्रानिक मिडिया काम कर रही है बताया । प्रिन्ट मिडिया गायब होना कहने का मतलब दुव्र्भाग्यपूर्ण है उन्हों ने लागू औषध की  से हमारे यहाँ के नौ जवान की भविष्य बर्वाद हो रहा है । ऐसी विकृति विसंगति की अंत करना दोनों देश के पत्रकारों ने कलम चलाना जरुरी है । नेपाल पत्रकार महासंघ लुम्बिनी प्रदेश के सदस्य मोहम्मद आरीफ अन्सारी, मधेश मिशन मिडिया नेपाल के  सलाहकार तथा पत्रकार अजय गुप्ता, भारतीय पत्रकार सन्तोष शुक्ला लगायत के लोगों ने होली की शुभकामना देते हुये अपने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के बीच भारतीय पत्रकार और नेपाली पत्रकारों को मधेश मिडिया मिसन ने मधेशी टोपी, गम्छा, साल ओढाकर कदर प्रमाण पत्र देकर सम्मान किया गया ।
सम्मान पाने वालों में पत्रकार जिला बहाराइच के आदित्यभान सिंह, अजयशर्मा, कुँवर दिवाकर सिंह, विद्या भूषण सिंह, नीरज वर्नवाल, इरसाद हुसैन, वरिष्ठ मनीराम शर्मा, श्यामकुमार मिश्रा, संजय वर्मा, सुरेश मधेशिया, राजेश सिंह, नवी अहमद आदि थे । कार्यक्रम में अनुपस्थित रहें भारतीय पत्रकारों को कदर सम्मान प्रमाण–पत्र भेजा गया है । कार्यक्रम में समाजसेवी माधवराम वर्मा, नेपाल पत्रकार महासंघ के पूर्व सभापति शुक्रऋषि चौलागाई लगायत लोगों की सहभागिता  थी सभी सहभागियों को सन्ध्या शर्मा और चन्दा सिंह दोनों लोग अबीर की टीका लगाकर और साल, गम्छा ओढकर स्वागत की थी ।

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