राम नवमी के दिन बन रहे ये दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व व अन्य खास बातें
इस वर्ष रामनवमी का उत्सव जयंती योग में मनाया जाएगा। दिनांक 10 अप्रैल 2022 दिन रविवार को पुष्य नक्षत्र है जो भगवान राम की कुंडली में भी था। कर्क के चंद्रमा अपनी राशि के बहुत उत्तम स्थिति में हैं। सुकर्मा योग धन-धान्य की पूर्णता देने वाला है। इसलिए यह पर्व इस वर्ष अति उत्तम ग्रह स्थिति में बन रहा है। रामनवमी का उत्सव एवं पूजन का सबसे उत्तम मुहुर्त अभिजीत मुहूर्त है। यह जयंती योग अभिजीत मुहूर्त रविवार को बहुत ही शुभ है जो 11:36 से 12:34 तक रहेगा। वैसे भी 11:59 बजे से 2:19 बजे तक कर्क लग्न रहेगा जो बहुत ही श्रेष्ठ है।
राम नवमी का महत्व-
भगवान ने विष्णु ने नवमी के दिन ही भगवान राम के रूप में अवतार लिया था। माना जाता है कि भगवान राम का यह अवतार धरती से राक्षसों और असुरी प्रवृत्तियों का विनाश करने के लिए था। इसीलिए उन्होंने आगे चलकर पृथ्वी के महान बलसाली राक्षण रावण का वध किया। इस दिन न सिर्फ भगवान राम की पूजा होती है बल्कि उनके भाई लक्ष्मण और मां सीता के साथ हनुमान जी की भी पूजा की जाती है।

