जसपा विभाजन की ओर, सभी मन्त्री वापस कर डा. भट्टराई के ऊपर कारवाही करने की तैयारी
काठमांडू, २८ जून । जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव समूह ने संघीय परिषद् अध्यक्ष डा. बाबुराम भट्टराई के ऊपर कारवाही करने का निर्णय लिया है । सोमबार रात में सम्पन्न यादव पक्षधर कार्यकारिणी समिति बैठक ने ऐसा निर्णय किया है । प्राप्त सूचना अनुसार बैठक ने डा. भट्टराई और मन्त्री भी रहे पार्टी नेता महेन्द्र यादव के ऊपर कारवाही करने का निर्णय लिया है, कारवाही संबंधी निर्णय करनेका अधिकार बैठक ने पार्टी अध्यक्ष उपेन्द्र यादव को दिया है ।
स्मरणीय है, जसपा के भीतर लम्बे समय से डा. भट्टराई और यादव पक्षधर बीच विवाद है । भट्टराई पक्षका आरोप है कि यादव पार्टी में मनमानी कर रहे हैं, हर निर्णय अकेले ही करना चाहते हैं । यही आरोप के साथ डा. भट्टराई पक्षधर ने यादव के विरुद्ध हस्ताक्षर अभियान भी शुरु किया था । लेकिन यादव समूह का कहना है कि डा. भट्टराई अवैधानिक रुप में कार्यकारी अध्यक्ष होना चाहते हैं और पार्टी विधान के विपरित गतिविधियां कर रहे हैं ।
ऐसे ही विवाद के बीच सोमबार रात में यादव समूह ने अपने पक्षधर कार्यकारणी सदस्यों का बैठक आह्वान किया । कार्यकारी समिति में यादव बहुमत में हैं, लेकिन संसदीय दल में डा. भट्टराई समूह बहुमत में हैं । ऐसी ही पृष्ठभूमि में यादव समूह ने पार्टी से सरकार में शामील सभी मन्त्रियों को वापस कर नये व्यक्तियों को मन्त्री बनाने का निर्णय लिया है । इसके पीछे एक ही कारण है– डा. भट्टराई समूह में रहे, सांसदों को रोक सकें । वर्तमान में जसपा से राजेन्द्र प्रसाद श्रेष्ठ, रेणुकुमारी यादव, रामसहाय प्रसाद यादव और महेन्द्र राय यादव मन्त्री हैं । उन लोगों को वापस कर नयां मन्त्री सरकार में भेजने की तैयारी में यादव समूह है ।
स्मरणीय है, दो दिन पहले एकीकृत समाजवादी पार्टी ने भी पुराने मन्त्रियों को वापस कर नये व्यक्तियों को मन्त्री नियुक्त किया था । पार्टी के अन्दर विवाद होने के कारण समाजवादी ने ऐसा निर्णय किया था । इधर जसपा में भी यही हालत हैं । बताया जाता है कि डा. भट्टराई और यादव के बीच लम्बे समय से जो विवाद है, उसके कारण कभी भी जसपा विभाजन हो सकती है । पार्टी कार्यकर्ताओं में ही चर्चा होती है कि पार्टी विभाजन संबंधी कानूनी जटिलता के कारण ही आज के दिन तक जसपा एक है ।

