विवाहपञ्चमी मे भारत से बडी संख्या मे लोग जनकपुर आरहे है
कैलास दास,जनकपुर, अगहन १९ गते । जनकपुर में विवाहपञ्चमी महोत्सव के भीड बढ्ता जा रहा है । खास कर नेपाल–भारत से तीर्थयात्री बडी संख्या मे आ रहे है ।
विश्व का ही सबसे बडा विवाह महोत्सव में जनकपुर मे विवाह पञ्चमी मनाया जाता है । जिसमे बिना बुलाए लाखों के संख्या में लोग आते है । इस महोत्सव में भव्यता प्रदान करने के लिए भारत के अयोध्या से बारात के साथ हजारों की संख्या में लोग आते है । यही कारण है कि करीब एक हप्ता आगे से ही जनकपुर में श्रद्धालुओं को आने की संख्या बढ्ती जा रही है ।
विवाह पञ्चमीमहोत्सव में विगत वर्ष से ज्यादा तीर्थयात्री आने का अनुमान है । इसबार नेपाल मे पहले से ज्यादा शान्ति सुरक्षा की अवस्था सुदृढ है । यही कारण है कि नेपाल–भारत से तीर्थयात्री आने की सम्भावना बढरही है जानकी मन्दिर के महन्थ राम तपेश्वर दास का शिष्य रामरोशन दास वैष्णव ने बताया है । विवाहपञ्चमी महोत्सव में आने वाले तीर्थयात्री जनकपुर के गोपाल धर्मशाला, पगलाबाबा धर्मशाला सहित के धर्मशाला में रह रहे है । अभी जनकपुर का कोई भी ऐसा स्थल नही है जहाँ पर बाहर से आए श्रद्धालु न हो ।
सप्ताहव्यापी विवाहपञ्चमी महोत्सव अन्तर्गत बुधवार धनुषयज्ञ सम्पन्न हुआ है ।े ऐतिहासिक बाह्रविघा रङ्गभुमि मैदान में हजारौं तीर्थयात्री के विच में धनुषयज्ञ सम्पन्न हुआ है । त्रेता युग में जिस प्रकार से धनुषा यज्ञ सम्पन्न हुआ था ठिक उसी प्रकार से किया गया है ।
जानकी मन्दिर, राम मन्दिर, दरशथ मन्दिर सहित के मठ मन्दिर से निकाला गया डोला झाँकी बाह्र विघा मे पहुँचा था ।
धनुषयज्ञ में जानकी मन्दिर के महन्थ रामतपेश्वर दास वैष्णव, राम मन्दिर का महन्थ राम गिरी तथा विभिन्न मठ मन्दिर का महन्थ, भारत के अयोध्या से आएट आए बडेभक्तमाला मन्दिर का महन्थ कौशल किशोर दास, बडे भक्त माला आश्रम किशोर दास सहित का महन्थ सहभागी थे ।
विवाहपञ्चमी अन्तर्गत गुरुवार तिलकोत्सव, शुक्रवार मटकोर और शनिवार विवाहपञ्चमी महोत्सव है । रविवार रामकलेवा कार्यक्रम है ।

