वेस्ट सेती जल विदुत् योजना के लिये भारतीय कंपनी एनएचपीसी लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हुआ हस्ताक्षर
काठमांडू, 19 अगस्त। नेपाल के पश्चिमी हिस्से में पनबिजली संयंत्र लगाने के लिए भारतीय कंपनी एनएचपीसी लिमिटेड के साथ एक समझौते पर कल हस्ताक्षर किए हैं। इस संयंत्र पर काम करने से चीन की एक कंपनी कुछ साल पहले पीछे हट गई थी। अधिकारियों ने बताया कि एनएचपीसी लिमिटेड ने गुरुवार को एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत कंपनी दो परियोजनाओं वेस्ट सेती (750 मेगावाट) और एसआर-6 (450 मेगावाट) के लिए संभाव्यता, पर्यावरणीय प्रभाव, डूब क्षेत्र और निर्माण लागत है
ये दोनों परियोजनाएं नेपाल के सबसे कम विकसित दूरस्थ पश्चिमी क्षेत्र में वेस्ट सेती नदी पर बनाई जाएंगी और इन पर 2.1 अरब अमेरिकी डालर की लागत आने का अनुमान है। चीन की पनबिजली परियोजनाओं के निर्माण की सबसे बड़ी कंपनी ‘थ्री गोर्जेस इंटरनेशनल कार्प’ पहले इस परियोजना पर काम करने वाली थी, लेकिन शर्तों पर सौदेबाजी के दौरान 2017 में नेपाल ने उसके साथ समझौता खत्म कर दिया था। इंवेस्टमेंट बोर्ड आफ नेपाल के सीईओ सुशील भट्ट ने कहा कि ऐसी परियोजनाओं के निर्माण में एनएचपीसी की ट्रैक रिकार्ड अच्छा है और उसमें भारत के बिजली बाजार को भुनाने की क्षमता भी है। एनएचपीसी के प्रबंध निदेशक अभय कुमार सिंह ने भी इसी तरह की आशा व्यक्त की।

