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भारत – नेपाल पर्यटन गोष्ठी संपन्न

 

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । शुक्रवार को जनकपुरधाम के होटल के सभागार में भारतीय बाणिज्य महादूतावास वीरगंज द्वारा भारत – नेपाल पर्यटन गोष्ठी आयोजित की गयी। इस गोष्ठी का उद्घाटन मधेश प्रदेश के वन, उद्योग तथा पर्यटन मंत्री शत्रुघ्न महतो तथा भारतीय बाणिज्य महादूतावास वीरगंज के महा बाणिज्य दूत नीतेश कुमार ने संयुक्त रूप से किए। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री शत्रुघ्न महतो ने कहा कि नेपाल के पशुपति नाथ, जानकी मंदिर, मुक्ति नाथ धाम, पोखरा सहित कई प्रमुख मंदिर तथा प्राकृतिक छटा को देखने के लिए पूरे विश्व से पर्यटक आते है। लेकिन सवसे अधिक पर्यटक भारत से आते हैं। इसी तरह नेपाल से भी बहुत पर्यटक भारत जाते हैं। दोनो देशों के पर्यटक की समस्या तथा सम्मान के लिए एक दूसरे देशों को आगे आना होगा। इस अवसर पर जनकपुरधाम उद्योग बाणिज्य संघ के अध्यक्ष जीतेन्द्र महासेठ ने कहा कि जनकपुरधाम के सबसे निकट का नाका जटही है। इस नाका से बड़ी संख्या में पर्यटक आते है। लेकिन जटही से पिपरौन तक रास्ता काफी खराब है। उन्होंने इस गोष्ठी में भारतीय बाणिज्य महादूतावास के बाणिज्य महादूत को ध्यान आकृष्ट करवाया।
इस अवसर पर हिन्दी अभियानी तथा मधेशवादी नेता रमन कुमार पांडेय ने कहा कि यह भ्रम दूर करना होगा कि सीता माता का जन्मस्थान भारत बिहार सीतामढ़ी के पुनौराधाम में हुआ न की जनकपुरधाम में हाँ जनकपुरधाम सीता माता की पालन भूमि और बिबाह भूमि जरूर है । उन्होंने कहा सीता की जन्म भूमि भारत के सीतामढ़ी के पुनौराधाम में है। सीता की पालन पोषण नेपाल के जनकपुरधाम में हुआ। इस कार्यक्रम में उपस्थित होटल व्यवसायी, गाइड तथा पर्यटन मंत्रालय के पदाधिकारी ने पर्यटन के विभिन्न विन्दु पर चर्चा किए। सभी प्रश्नो को भारतीय बाणिज्य महादूतावास वीरगंज के महा बाणिज्य दूत नीतेश कुमार ने जवाब दिया। कार्यक्रम में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल के ए. डी. एम. सम्मलित हुए। मंच संचालन बाणिज्य दूत सतीश पटापू ने किया।

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