Tue. Jul 14th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

साल का दूसरा आशिंक सूर्य ग्रहण आज

 

25 अक्टूबर। सूर्य ग्रहण आज मंगलवार को दिवाली के अगले दिन लगने वाला है। ग्रहण का सूतक काल रात से ही लग गया है। यानी इसका सूतक काल 12 घंटे पहले शुरू हो गया। भारत में दिखाई देने की वजह से इसका सूतक काल मान्य होगा। जिसकी वजह से ग्रहण से संबंधित सभी धार्मिक मान्यताओं का पालन किया जाएगा। सूर्य ग्रहण आज मंगलवार को 11 बजकर 28 से शुरू हो जाएगा और शाम 06 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। लेकिन भारत में यह ग्रहण शाम 04 बजकर 22 से दिखना शुरू हो जाएगा और 05 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। भारत में ग्रहण का मोक्षकाल सूर्यास्त के साथ ही हो जाएगा। ग्रहण में सूरज का 36.93 फीसदी भाग चंद्रमा तक ढका रहेगा।
शास्त्रों के अनुसार, दिवाली के अगले दिन लगने वाला सूर्य ग्रहण तुला राशि में लगने जा रहा है। तुला राशि में सूर्य के साथ शुक्र, केतु और चंद्रमा भी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही बुध, शनि, शुक्र और गुरु ग्रह सभी अपनी-अपनी राशि में मौजूद रहेंगे। बुध अपनी राशि कन्या में तो शनि मकर, शुक्र तुला राशि में तो गुरु अपनी मीन राशि में मौजूद रहेंगे।
सूर्य ग्रहण – 25 अक्टूबर 2022
सूर्य ग्रहण का समय शाम 04 बजकर 22 मिनट से 05 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।
सूर्य ग्रहण की अवधि – 1 घंटा 21 मिनट रहेगा। जिससे
26 अक्टूबर को होगा गोवर्धन पूजन:

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 11 जुलाई 2026 शनिवार शुभसंवत् 2083

दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजन किया जाता है लेकिन सूर्य ग्रहण की वजह से 25 की बजाय 26 अक्टूबर को गोवर्धन पूजन किया जा सकेगा। सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन ही लगता है। 25 अक्टूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण साल 2022 का अंतिम सूर्य ग्रहण है और भारत में दिखने वाला पहला सूर्यग्रहण होगा। साल का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को लगा था लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं दिया था। सूर्य ग्रहण के खगोलीय घटना है लेकिन इसका धार्मिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व है।
धर्म शास्त्र के अनुसार, सूतक काल और ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को अपना विशेष ध्यान रखना होगा। ग्रहणकाल में गर्भवती महिलाएं अपने पास कुश और गंगाजल रख लें। साथ ही साफ कुश को पके हुए भोजन में डाल दें। *वहीं बालक, वृद्ध और रोगियों को छोड़कर किसी को भी भोजन नहीं करना चाहिए।* ग्रहण के समय मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और भक्तों को मानसिक जप करना चाहिए। मन ही मन ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करते रहना चाहिए। ग्रहण खत्म हो जाने के बाद तांबे का पात्र, अन्न, लाल कपड़ा, मसूर दाल, लाल फल आदि चीजों का दान करना चाहिए। आज लगने जा रहा सूर्य ग्रहण भारत के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, बंगाल, मुंबई, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। वहीं असम, नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश में सूर्यग्रहण दिखाई नहीं देगा।

यह भी पढें   नेपाल के सोलुखुम्बु में गुम्बा (बौद्ध मठ) भवन का संयुक्त शिलान्यास

वैज्ञानिकों ने बताया कि सूर्य के चारों तरह पृथ्वी चंद्रमा समेत सभी ग्रह घूमते हैं, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं, तब सूर्य ग्रहण लगता है और यह एक अहम खगोलीय घटना है। जिसमें महज 6 फीसदी भाग दिखेगा। पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने के लिए देशवासियों को 2034 तक का इंतजार करना पड़ेगा।

धूप के चश्मे से न देखें सूर्य ग्रहण
विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्य ग्रहण को सीधे आंखों से, साधारण फिल्टर और धूप के चश्मे से न देखें। पानी और रंगीन पानी में भी उसकी परछाई देखने का प्रयास न करें। प्रमाणित सोलर फिल्टर से ही सूर्य ग्रहण देखें। पिनहोल कैमरे से सूर्य का प्रतिबिंब दीवार पर बनाकर उसको सुरक्षित देखा जा सकता है। एक छोटे शीशे को कागज से ढककर इसमें एक छेद करें। छेद की चौड़ाई 1-2 सेमी हो। इसकी मदद से दीवार पर सूर्य के प्रतिबिंब को देख सकते हैं।
सूर्य ग्रहण काल एवं सूतक काल में राम चरित मानस का पाठ एवं गुरु मंत्र का जप करें।
*शास्त्र संग्रह:-*
🌸🌺🌹🌺🌸
*हरि ॐ गुरुदेव..!*
*✒✍🏻 ✒✍🏻*
*ज्योतिषाचार्य आचार्य राधाकान्त शास्त्री*
*!!भवेत् तावत् शुभ मंगलम्!!*

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *