स्वागत के लिए खड़े हैं रेशम चौधरी के कार्यकर्ता
नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के संस्थापक रेशम चौधरी को रिहा करने की बात हो रही है इस खबर को सुनकर उनके कार्यकर्ता उनसे मिलने के लिए डिल्ली बजार कारागार में पहुँचें हैं । चौधरी के स्वागत करने के लिए कुछ कार्यकर्ता झण्डा और फूल माला सहित कारागार के आगे बैठे हुए हैं ।
२०७२ साल में कैलाली के टीकापुर के आन्दोलन में हुए झड़प में नेपाल प्रहरी के एसएसपी लक्ष्मण न्यौपाने सहित नेपाल प्रहरी के पाँच लोग, सशस्त्र प्रहरी के दो लोग और एक बालक सहित आठ लोगों की मृत्यु हुई थी । इसी घटना में दोषी ठहराया गया चौधरी को और उन्हें जन्म कैद की सजा हुई ।
रविवार को हुई मन्त्रिपरिषद की बैठक ने मुलुकी फौजदारी कार्यविधि संहिता के दफा ११६ संशोधन करने का निर्णय किया है । इससे कैसे–कैसे मुद्दों को वापस नहीं लिया जा सकता है ये किटान करके नकारात्मक सूची को संशोधन किया जाएगा ।
सूत्र के अनुसार अगर ये अध्यादेश राष्ट्रपति द्वारा हुबहू जारी हो जाती है तो जन्मकैद की सजा काट रहे रेशम चौधरी छुट जाऐंगे । सत्ता स्वार्थ के लिए रेशम चौधरी को रिहा करने के लिए अध्यादेश लाया गया है । इसके लिए सरकार की आलोचना भी हो रही है ।


