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पशुपति क्षेत्र में महाशिवरात्रि की चहल पहल

 

काठमांडू, ६ फागुन –

 

शिव की महिमा अपार शिवशंकर भोलेदानी , बोरहबा , भंगिया , नीलकंठ , देवों के देव महादेव, त्रिपुरारी, बाबा बैजु, न जाने कितने नाम से जाने जाते हंै बाबा पशुपति । हर हर महादेव, जय शम्भों के जयधोष और नारा से पूरा देश गूँज रहा है गाँव हो या फिर शहर का मंदिर हरेक मंदिर के घंटी में हर हर महादेव की आवाज सुनाई दे रही है । कहते हैं आज के ही दिन भगवान शिव आ माता पार्वती का विवाह हुआ था । फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है । यह भी माना जाता है कि सृष्टि का प्रारंभ इसी दिन से हुआ । इस पर्व में आराध्यदेव भगवान शिव की पूजा–आराधना की जाती है ।

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जय शम्भों के नाम से गूंज रही है पशुपति । आज सुबह तीन बजे से ही पशुपति के चारों दरवाजों को खोल दिया गया है । लाखों लोगों की भीड़ का एक ही स्वर जय शम्भू । पशुपति क्षेत्र विकास कोष का कहना है कि इस बार की शिवरात्रि में लगभग २० लाख से ज्यादा भक्तजन आए हुए हैं ।
हर बार की तरह इस साल भी भारी संख्या में भक्तजन काठमांडू के पशुपति क्षेत्र में आए हुए हैं । भक्तों को किसी तरह की कोई असुविधा नहीं हो यह सोचकर बहुत सी तैयारियां की गई हैं । सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पशुपति क्ष्ोत्र में ३५ सौ से ज्यादा सुरक्षाकर्मी को तैनात किया गया है । इसके साथ ही काफी संख्या में स्वयंसेवी, स्काउट के स्वयंसेवी को तैनात किया गया है ।
इस वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर पशुपति में दर्शन के लिए बाहर तीन और भीतर पाँच लाइन की व्यवस्था की गई है । मित्रपार्क तथा गौरीघाट होकर उमाकुण्ड–दक्षिणामूर्ति होते हुए रूद्रगाडेश्वर उत्तर का फाटक जयवागेश्वरी–ईंटापाखा होते हुए भुवनेश्वरी होकर पश्चिम का फाटक बत्तीसपुतली–गौशाला तथा एअरपोर्ट–तिलगङ्गा होकर पिङगलास्थान–सुमार्गी भवन होते हुए चार शिवालय–पञ्चदेवल दक्षिण फाटक से भक्तजनों के दर्शन करने के लिए व्यवस्था मिलाई गई है ।

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