राप्रपा ने तत्काल प्रदेश १ सरकार नहीं छोड़ने का निर्णय किया
काठमांडू, १४ फागुन –
राप्रपा ने तत्काल प्रदेश १ सरकार नहीं छोड़ने का निर्णय किया है । राष्ट्रपति निर्वाचन के लिए नए राजनीतिक समिकरण बनने के बाद राप्रपा ने संघ और प्रदेश सरकार से बाहर होने का निर्णय किया था । इसी निर्णय के आधार में संघ और बागमती प्रदेश से राप्रपा बाहर हो गई है । लेकिन प्रदेश १ में वह तत्काल बाहर नहीं होगी ।
राप्रपा प्रदेश १ संसदीय दलका नेता तथा उद्योग कृषि तथा सहकारी मन्त्री भक्ती सिटौला ने कहा है कि पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद ही सरकार के बारे में निर्णय करेगी । अन्य प्रदेश के तुलना में प्रदेश १ की परिस्थिति अलग है इस कारण चर्चा होने के बाद ही किसी निर्णय पर पहुँचेंगे ।
उन्होंने यह भी बताया कि ‘अन्य प्रदेश के तुलना में प्रदेश १ विशिष्ट परिस्थिति में है । हमारे कारण किसी तरह की अस्थिरता नहीं होनी चाहिए ’ प्रदेश सरकार में हम रहे या नहीं इस विषय को लेकर बहस होगी ।
राप्रपा केन्द्रीय कार्यसम्पादन समिति के द्वारा शनिवार को हुई बैठक के बाद राप्रपा ने संघीय सरकार में उपप्रधान तथा उर्जामन्त्री राजेन्द्र लिङ्देन सहित मंत्रियों ने राजिनामा दे दिया है ।
हिक्मतकुमार कार्की के नेतृत्व में प्रदेश १ सरकार में राप्रपा से सिटौला मन्त्री हुए थे ।
९३ सदस्यीय प्रदेशसभा में बहुमत के लिए ४७ मत आवश्यक होगा । प्रदेश में नेकपा एमाले के सहयोग से प्रत्यक्ष की ओर से दो सीट जीती राप्रपा एमाले से नजदीक है । एमाले और राप्रपा मिलकर ४६ मत पहुँचता है । कांग्रेस माओवादी केन्द्र, एकीकृत समाजवादी और जसपा के गठबन्धन का मत भी (सभामुख के बाहेक) ४६ ही पहुँचता है ।
प्रदेश में माओवादी केन्द्र सरकार से बाहर नहीं है । माओवादी केन्द्र और जसपा सरकार से बाहर होने के बाद मुख्यमन्त्री कार्की अल्पमत में आ जाएगी । प्रदेश १ प्रदेशसभा में एमाले के ४०, प्रदेशसभा में कांग्रेस के २९, माओवादी केन्द्र के १३, राप्रपा के ६,नेकपा एकीकृत समाजवादी के ४ और जसपा के १ सांसद हैं ।

