जनकपुरधाम के मेयर साह को ‘महामुर्ख’ उपाधी
जनकपुरधाम, ८ मार्च । जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका के मेयर मनोज कुमार साह ‘महामुर्ख’ बन गए हैं । होली पर्व के अवसर पर हर साल आयोजन होनेवाला ‘महामुर्ख प्रतियोगिता’ में वि.सं. २०७९ साह की यह उपाधी साह मिली है । मिथिला नाट्यकला परिषद् (मिनाप) की ओर से आयोजित विशेष कार्यक्रम में एक विशिष्ठ व्यक्तित्व को सम्मानस्वरुप यह उपाधी दी जाती है । परम्परा अनुसार इस साल साह को महामुर्ख मिली है और संचारकर्मी ऋषि धमला को पटमुर्ख की उपाधी मिली है ।
मिनाप द्वारा मंगलबार जानकी मन्दिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक क्षेत्र में चर्चित व्यक्तित्व को महामुर्ख और अन्य हास्यास्पद उपाधी दी गई है । मिथिला क्षेत्र की कला संस्कृति को संरक्षण एवं सम्बद्र्धन करने की उद्देश्य से वि.सं. २०६१ साल से मिनाप द्वारा हर साल होली पर्व के पूर्वसंन्ध्या में जनकपुर में महामुर्ख सम्मेलन होता आया है । इससे पहले अर्थात् वि.सं. २०७८ साल में डा. भोगेन्द्र झा को महामुर्ख उपाधी मिल गई थी ।
इसीतरह संचारकर्मी वीरेन्द्र रमण को चोटानन्द, महोत्तरी जिला मटिहानी नगरपालिका के प्रमुख हरिप्रसाद मण्डल को वैशाखनन्दन, तमलोपा नेतृ विभा ठाकुर को गन्धपसारैन, पूर्व खिलाड़ी अरुण लाल कर्ण को खबसुरता उपाधी दी गई है । साथ में याज्ञवल्क्य संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय झा को लोढाशंकर, व्यवसायी बलराम साह को बज्रसोटा, अधिवक्ता रेखा झा को मनटुटिया, इन्जिनियर रत्नेश्वरलाल कर्ण को डपोरशंख, कवियत्री किरण झा को टुनमुसरी, मधेस प्रदेश के वन मन्त्रालय के कर्मचारी लालबाबु यादव को हराशंख और मोनाष्टिक माध्यमिक विद्यालय के निर्देशक डा. सोनुकुमार साह को बज्रकिट जैसे हास्यास्पद उपाधी प्रदान की गई ।

