नेपाली भाषा के अलवा अन्य भाषा को भी संसदीय अभिलेख में रखने के लिए डॉ. राउत ने किया प्रस्ताव

काठमांडू, २३ मार्च । जनमत पार्टी के अध्यक्ष तथा सांसद् डा. सीके राउत ने नेपाली भाषा के अलवा अन्य भाषा को भी संसदीय अभिलेख में रखने के लिए प्रस्ताव किया है । प्रतिनिधिसभा नियमावली– २०७९ प्रतिवेदन में संशोधन पेश करते हुए उन्होंने ऐसा प्रस्ताव किया है । नियमावली की धारा २४१ में भाषा और भेषभुषा संबंधी व्यवस्था है, जहां लिखा है कि प्रतिनिधिसभा वा इस मातहत रहनेवाली समिति के लिए नेपाली भाषा कामकाजी भाषा रहेगी । इसी प्रावधान को संशोधन के लिए डा. राउत ने प्रस्ताव किया है ।
डा. राउत द्वारा पेश संशोधन प्रस्ताव लिखा है– ‘लेकिन प्रतिनिधिसभा सदस्य अगर अपनी मातृभाषा तथा उनके इच्छा अनुसार की भाषा में बोलना चाहते हैं तो उनको अपनी मन्तव्य रखने की सुविधा दी जाएगी ।’ संशोधन में यह भी कहा गया है कि अगर कोई सदस्य मातृभाषा में बोलते हैं तो उसका अभिलेख रखने की व्यवस्था भी की जाएगी ।
सांसद् राउत ने भेषाभुषा संंबंधी व्यवस्था में भी संशोधन पेश किया है, उनके द्वारा पेश संशोधन प्रस्ताव पारित की जाती है तो सांसद्गण अपनी संस्कृति और इच्छा अनुसार ड्रेस पहन सकते हैं ।

