भारत व्दारा दिया गया बिजली जनकपुर को उपल्बध कराया जाय : पूर्वमेयर साह
कैलास दास, जनकपुर, बैशाख १८ गते । जनकपुर के पूर्व मेयर बजरंग प्रसाद साह ने उर्जा मन्त्री राधा ज्ञवाली से आग्रह किया है कि भारत सरकार व्दारा जनकपुर के लिए दिये गये आठ मेगावाट के बिजली जनकपुर को ही उपल्बध कराया जाय । उन्होने प्रश्न किया है कि जनकपुर के लिये दिया गया बिजली कहाँ गायब है ?
प्राधिकरण कार्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में सहभागी होने आयी उर्जा मन्त्री राधा ज्ञवाली से उद्योग वाणिज्य संघ में हुई बातचित मे पूर्व मेयर साह ने यह प्रश्न किया था ।
पूर्व मेयर साह के अनुसार जनकपुर में ११ मेगावाट बिजली खपत होती थी जिनमे ४ बेगावाट जनकपुर चुरोट कारखाना में खपत होता था । परन्तु अभी जनकपुर चुरोट कारखाना पूर्ण रुप से बन्द है उसके वावजुद भी जनकपुर में लोडसेडिङ्ग के अलावा भी विद्युत कटौती होना दुःखद बात है । उन्होने यह भी कहा कि भारत सरकार से हुआ सम्झौता अनुसार ८ मेगावाट बिजली जनकपुर धार्मिक पर्यटकीय क्षेत्र के लिए दिया गया है अगर वह बिजली मात्र जनकपुर में दिया जाए तो किसी भी प्रकार की समस्या नही होगा।
साह के अनुसार भारत व्दारा दिया गया बिजली अगर जनकपुर को प्राप्त नही हुआ तो नागरिक समाज, बुद्धिजीवि, व्यापारी सहित की टोली डेलिगेशन लेकर काठमाडू तक जाऐगा । उन्होने जनकपुर लोडसेडिङ्ग मुक्त क्षेत्र घोषणा के लिए मन्त्री से आग्रह भी किया है ।
कार्यक्रम में जनकपुर उद्योग वाणिज्य संघ के पदाधिकारी सहित सैकडौं लोग उपस्थित थे ।
इधर उर्जा मन्त्री ज्ञवाली को विद्युत प्राधिकरण कार्यालय के आगे काला झण्डा दिखाया गया है । युवाओ के अनुसार जनकपुर में अघोषित रुप में लोडसेडिङ्ग होने के वावजुद भी प्राधिकरण व्दारा किसी प्रकार का कदम नही चला गया है । आक्रोशित युवा ने नारा लगाते हुए कहा कि हर व्यक्ति को उतनाही अधिकार है जितना मन्त्री को है । मन्त्री आने पर बिजली दे रहे है और जाने के बाद दो गुणा बिजली कटौती कर रहे ऐसा प्रावधान को अन्त्य होना चहिये । युवा के समक्ष जब मन्त्री ज्ञावली पहुँची तो आक्रोशित युवा ने बातचित तक नही किया था ।
मन्त्री ज्ञवाली ने कहा कि भारत के साथ विद्युत आपर्ति के विषय में हुयी सम्झौता के बारे में भारतीय राजदूतावास के साथ जानकारी लेगें । जनकपुर में अनियमित लोडसेडिङ्ग नियन्त्रण करने के लिए क्षेत्रीय निर्देशक और वितरण केन्द्र प्रमुख को विद्युत आपूर्ति नियमित और किसी प्रकार के भेदभाव नही करने के लिए उन्होने कहा ।

