नेपालगंज में मनीषा खटाटे और डाॅ.राजेंद्र खटाटे सम्मानित

– नेपाल के नेपालगंज शहर में १,२,३अप्रैल को महेंद्र पुस्तकालय की ओर से नेपाल – भारत के प्रतिष्ठित साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत की ओर से वर्ल्ड क्रिएटिव्हिटी फोरम की अध्यक्षा तथा सुप्रसिद्ध कवि एवं उपन्यासकार मनीषा खटाटे और प्रबंध निदेशक डाॅ.राजेंद्र खटाटे को नेपाल भाषा आयोग के सदस्य तथा कवि एवं मशहूर लेखक मा.डाॅ.अमर गिरी जी के करकमलों से सम्मानित किया गया।इस संगोष्ठि में नेपाल भाषा आयोग के सदस्य ,सुप्रसिद्ध अनुवादक तथा लघुकथा लेखक मा.गोपाल अश्क जी भी उपस्थित थे।इस आयोजन को सफल बनाने में नेपाल के वरिष्ठ साहित्यकार मा.सनत रेग्मी और भेरी साहित्य समाज के अध्यक्ष तथा सुप्रसिद्ध समालोचक मा.हरि तिमिल्सिना ने अपना योगदान दिया।
त्रिदिवसीय कार्यक्रम में सम्मान,लघुकथा पाठ तथा नेपाल – भारत के कवियों का कवि संमेलन भी संपन्न हुआ।नेपाल और भारतीय साहित्य के अनुवाद और मजबूत संबंध बनाने पर सभी ने जोर दिया।सांस्कृतिक पृष्ठभूमि एक होने के नाते नेपाल और भारत के साहित्यिक विधाओं में समानताएं प्रतित होती हैं।काव्य संमेलन के दरम्यांन मनीषा खटाटे जी ने अपने दार्शनिक खण्ड-काव्य “मरुस्थल” का अंशिक पाठ भी किया । संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि मातृभाषा मराठी के आँचल मे पला मेरा बचपन ।राष्र्टभाषा हिंदी से मूझको मिली पहचान,नेपाल की धरती पर मुझे मिल रहा है यह सम्मान । अनेक भाषा ओं की दोर थामे मैं आगे बढ़ रही हूँ । मैं भारत की बेटी मेरे देश की तरफ से एक कदम बठा रही हूँ ।

