20 अप्रैल को लगेगा सूर्य ग्रहण भारत और नेपाल में नही है और इसका कोई भी प्रभाव भारत और नेपाल में नही होगा
*सूर्य ग्रहण*
*20 अप्रैल को लगेगा सूर्य ग्रहण भारत में नही है और इसका कोई भी प्रभाव भारत में नही होगा।*
इस दिन वैशाख माह की स्नान दान शिव और विष्णु के विशेष पूजन, पितृ दोष पूजन, ग्रहण शांति के अमावस्या पूजन के रूप में मनाई जाएगी. साल का पहला सूर्य ग्रहण मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में लगने वाला है.
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण का विशेष महत्व माना गया है. 2023 का पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 05 मिनट पर लगेगा. यह ग्रहण दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगा. यह ग्रहण वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को लगेगा. यह ग्रहण अश्विनी नक्षत्र में मेष राशि में लगेगा. सूर्य ग्रहण की स्थिति तब बनती है जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है. ऐसी स्थिति में सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता है.
20 अप्रैल को लगने वाले सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 24 मिनट की रहने वाली है.
*कहां-कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण*
*20 अप्रैल को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. ये ग्रहण कंबोडिया, चीन, अमेरिका, माइक्रोनेशिया, मलेशिया, फिजी, जापान, समोआ, सोलोमन, बरूनी, सिंगापुर, थाईलैंड, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, ताइवान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, दक्षिण हिंद महासागर, दक्षिण प्रशांत सागर, और न्यूजीलैंड में देखा जा सकेगा.* ग्रहण के दौरान सूर्य ग्रसित हो जाता है जिसका प्रभाव हर किसी पर पड़ता है.
*सूतक काल लगेगा या नहीं?*
ज्योतिष शास्त्र में सूतक काल को बहुत अशुभ माना गया है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. सूर्य ग्रहण का सूतक काल सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है. हालांकि सूतक काल तभी मान्य होता है जब ग्रहण दिखाई देता है. *20 अप्रैल को लगने वाला ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. इसलिए यहां सूतक काल भी नहीं माना जाएगा.* इस दौरान मंदिर के कपाट बंद नहीं होंगे और कुंडली में लगे ग्रहण दोष शांति के सभी धार्मिक कार्य किए जा सकेंगे.
*!!शास्त्र संग्रह!!*
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*हरि ॐ गुरुदेव..!*
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*ज्योतिषाचार्य आचार्य राधाकान्त शास्त्री*
*!!भवेत् सर्वेषां शुभ मंगलम्!!*

