विवादित वना निर्माणधीन भानु प्रतिमा
जनकपुरधाम में निर्माणधीन भानु भक्त की प्रतिमा विवाद में पड़ गया है। शनिवार को जनकपुरधाम उप महानगरपालिका के मेयर ने बगैर पूजा-पाठ के इसका शिलान्यास कर दिया। शिलान्यास के समय जसपा, लोसपा एवं जनमत के कार्यकर्ताओं ने बिरोध जता रहे थे।जनक चौक स्टेशन जाने बाले रास्ते में चौराहा पर भानु भक्तकी प्रतिमा लगाना है। २०६३मधेश आन्दोलन के समय आन्दोलनकारियों ने भानु भक्त कीप्रतिमा को तोड़ दिया और इसका नाम मधेश के प्रथम शहीद रमेश महतो के नाम रख दिया।17बर्षों तक भानु की प्रतिमा का स्थापना नहीं हो सका है।इससे पहले के मेयर लाल किशोर साह ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया । चूंकि वे स्वयं एक मधेशवादी दल के मेयर थे। इसलिए वे इसके निर्माण से दूर रहें। वर्तमान मेयर मनोज कुमार साह ने इसकी स्थापना के लिए बीड़ा ठान लिया कि भानु भक्त की प्रतिमा निर्माण करवाना है।इसके लिए प्रभु दयाल जालान को अध्यक्ष बनाया और जानकी नवमी (बैशाख 15गते)को शिलान्यास के लिए आमंत्रित पत्र बांटा गया । इसकी सूचना के बाद मधेशवादी दल ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। भानु भक्त नेपाली भाषा में रामायण का अनुवाद किए।इसे राष्ट्रीय विभूति की दर्जा प्राप्त है। मधेशवादी दल के अलावा जनकपुरधाम के आम नागरिक दो भागों में विभाजित हो गया है।कुछ लोग निर्माण के पक्ष में है तो कुछ इसके बिरोध में हैं।कुछ लोगों ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में बिद्यापति की प्रतिमा स्थापित हो सकती है। इसलिए भानु भक्त की प्रतिमा नहीं लगना चाहिए। वहीं कुछ लोग निर्माण के पक्ष में है। रविवार को जसपा युवा मोर्चा के जीतेन्द्र यादव के नेतृत्व में मेयर के बिरोध में पुतला फूंका गया। जानकारी के अनुसार इसके निर्माण में 20लाख की लागत होने की उम्मीद हैं।





