राष्ट्रपति पौडेल द्वारा नागरिकता विधेयक प्रमाणीकरण
काठमांडू, १७ जेठ
काठमांडू । प्रतिनिधिसभा और राष्ट्रिय सभा द्वारा दो दो बार पारित होने पर भी विगत लंबे समय से रुका हुआ नागरिकता विधेयक अन्ततः आज राष्ट्रपतिद्वारा संविधान के धारा ६१ के उपधारा (२), (३), (४) तथा संविधान के धारा ६६ बमोजिम सर्वोच्च ने प्रतिपादन कर सिद्धान्त बमोजिम प्रमाणीकरण किया गया। कुछ आलोचना एवं विरोध के बावजूद मधेशी तथा अन्य दलों ने इस का समर्थन किया है और अत्यन्त सकारात्मक बताया है
नागरिकता सम्बन्धी विवाद नेपाल के लिए पुराना विवाद है । स्पष्ट कानून के अभाव में लाखो जनता नागरिकता से वंचित हैं । बहुत लम्बे विवाद के बाद अब जाकर नागरिकता विधेयक प्रमाणीकरण हुई है । अभी की जो नागरिकता विधेयक का प्रमाणीकरण किया गया है उससे अनागरिक बने हुए हजारों नेपाली नागरिकता पा सकते हैं साथ ही विदेशी वहुभी विवाह के तुरंत बाद नेपाल की नागरिकता पा सकती है । वैसे अभी की भी जो नागरिकता प्रमाणीकरण हुआ है उसमें भी कतिपय प्रावधान विवादित हैं लेकिन इन विवादो का हल नहीं कर राष्ट्रपति द्वारा ये विधेयक प्रमाणीकरण हुआ है ।
अभी की नागरिकता विधेयक का नेकपा एमाले विरोध करती आई है ।
पूर्व राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी ने विधेयक को आठ बूंदे सलाह के साथ संसद में वापस कर दिया था । बाद फिर दोनो संसद से इसे प्रमाणित के लिए राष्ट्रपति के समक्ष पेश किया गया । लेकिन राष्ट्रपति महोदया ने इसे रोक कर रख दिया । जबकि संविधान अनुसार उन्हें 15बफिन के अंदर प्रमाणित कर देना था ।
जिसके कारण बहुत दिनों से यह विधेयक प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा था । प्रमाणीकरण नहप्ं होने की वजह से ही रुकी हुई थी । लेकिन नए राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल को सरकार ने जेठ १२ गते नागरिकता विधेयक प्रमाणीकरण करने का अनुरोध किया था । यद्यपी विवादित इस विधेयक को राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने आज प्रमाणीकरण कर दिया है । प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल आज ही भारत भ्रमण पर निकले हैं और आज ही राष्ट्रपति पौडेल नागरिकता विधेयक प्रमाणीकरण किया है ।


