गुरु पूजन के साथ पूर्णिमा व्रत कल:-
*गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।*
*गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥*
*ॐ असतो मा सद्गमय।*
*तमसो मा ज्योतिर्गमय।*
*मृत्योर्मामृतं गमय ॥*
*ॐ शान्ति शान्ति शान्तिः ॥*
*मुझे असत्य से सत्य की ओर ले चलो।*
*मुझे अन्धकार से प्रकाश की ओर ले चलो।*
*मुझे मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो॥*
*गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर घर की साफ- सफाई करें. इसके बाद स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें।इसके बाद साफ जगह पर गुरु व्यास की प्रतिमा को स्थापित करें। उन्हें चंदन, फूल और प्रसाद अर्पित करें पूजा करते समय ‘गुरुपंरपरासिद्धयर्थं व्यासपूजां करिष्ये’ मंत्र का जप करें।व्यास जी के चित्र को सुगन्धित फूल या माला चढ़ाकर अपने गुरु के पास जाएं। गुरू को वस्त्र, फल-फूल और माला अर्पण कर कुछ दक्षिणा यथासामर्थ्य धन के रूप में भेंट करके उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। और गुरु से बल, बुद्धि और विद्या हेतु कामना करें। सभी गृहस्थों, नौकरी, कर्म धारकों, एवं विद्यार्थियों के लिए लाभदायक हो।*
*हे सबके गुरु जन एवं गुरुओं के गुरु महादेव सबके अर्चन के साथ साथ मेरी भी श्रद्धा भक्ति समर्पण स्वीकार कर सबके जीवन मे सम्पूर्ण प्रसन्नता प्रदान करें*
*हरि ॐ गुरुदेव..!*
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*ज्योतिषाचार्य आचार्य राधाकान्त शास्त्री*
*????(अहर्निशं सेवा महे)????*
*संपर्क: 9934428775*
*!!भवेत् सर्वेषां सर्वदा शुभ मंगलम्!!

*????(अहर्निशं सेवा महे)????*
*संपर्क: 9934428775*
*!!भवेत् सर्वेषां सर्वदा शुभ मंगलम्!!*

