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तम्बाकुजन्य (सूर्तिजन्य) पदार्थ में राजश्व वृद्धि के लिए दबाव

 

Ramsaran mahat 2लिलानाथ गौतम,काठमाणडू,१७ जुन । सूर्तिजन्य पदार्थ में राजश्व वृद्धि का मांग करते हुए विभिन्न सरोकारवाला व्यक्तियों ने सरकार पर दवाव दिया है । रेस्फेक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा स्रोत केन्द्र द्वारा मंगलबार को काठमांडू में आयोजित ‘सुर्तीजन्य पदार्थ में प्रगतिशील टैक्स की आवश्यकता’ विषयक युथ क्याम्पियन में सहभागी लोगों ने इस बात पर जोड़ देते हुए कहा कि अगर सरकार सूर्तिजन्य पदार्थ में प्रगतिशील राजश्व वृद्धि करेगा तो अवश्य ही इसका प्रयोग और नकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है ।
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि तथा नेपाल सरकार के अर्थमन्त्री डा रामशरण महत ने कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए कहा कि सूर्तिजन्य पदार्थ का प्रयोग हर साल न्यून होते जा रहा है । लेकिन उनका मानना है कि इतना ही काफी नहीं है । अर्थमन्त्री महत ने आगे कहा– प्रत्येक आर्थिक वर्ष में सूर्तिजन्य पदार्थ में राजश्व वृद्धि हो रहा है और यह प्रक्रिया जारी रहेगा । उन्होंने यह भी कहा है कि अगर युवा जमात सूर्तिजन्य पदार्थ सेवन के विरुद्ध में अपनी भूमिका निर्वाह करेंगे तो अवश्य ही इसके प्रयोगकर्ता की संख्या में कमी आएगी ।
रेस्फेक प्राथमिक उपचार सेवा स्रोत केन्द्र के प्रमुख शान्तलाल मुल्मी का मानना है कि सूर्तिजन्य पदार्थ नियन्त्रण तथा नियमन सम्बन्धी ऐन निर्माण में उक्त संस्था ने महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह किया है । और वह चाहते हैं– आने वाले भावी संविधान में इस सम्बन्ध में व्यवस्था करके सूर्तिजन्य पदार्थ सेवन को निरुत्साहित किया जाए । मुल्मी ने आगे कहा– मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ऐसी पदार्थ में अत्याधिक शुल्क निर्धारण करना चाहिए, ताकि आर्थिक भार के कारण प्रयोगकर्ता की संख्या न्यून हो सके । Ramsaran mahat
कार्यक्रम में इनलाण्ड रेभिन्यु डिपार्टमेन्ट के तरफ से महाराजा कोइराला, नेपाल सरकार के लिए कानुन मन्त्रालय के अफिसर कोमल कोइराला, विश्व स्वास्थ्य संगठन ९डब्ल्लूएचओ० के तरफ से डा एयुडा युरेकी ने सूर्तिजन्य पदार्थ, इसके प्रयोग तथा हानिकारक पक्ष, प्रयोग न्यूनिकरण के लिए हो रहे प्रयास, कानुनी प्रावधान आदि के बारे में अपने–अपने कार्यपत्र प्रस्तुत किया था । उक्त कार्यपत्र के बारे में एमाओवादी के युवा सभासद गणेशमान पुन लगायत विभिन्न राजनीतिक दल से आवद्ध भातृ संगठन के प्रतिनिधि तथा सरोकार वाला पक्ष ने अपने–अपने धारणा व्यक्त करते हुए सूर्तिजन्य पदार्थ सेवन निरुत्साहित करने के लिए प्रतिवद्धता व्यक्त किया । इसके अलवा कार्यक्रम में सहभागी विभिन्न सञ्चार संस्था में आवद्ध पत्रकार तथा युवा वर्ग ने भी अपने–अपने धारणा व्यक्त करते हुए सूर्तिजन्य पदार्थ सेवन न्यूनिकरण के लिए अपनी तरफ से भूमिका निर्वाह करने का वादा किया ।
स्मरणीय है– कार्यक्रम में प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार विश्व में प्रत्येक वर्ष करीब ६ लाख व्यक्ति सूर्तिजन्य पदार्थ सेवन के कारण ही अपने जीवन समाप्त करते हैं । इसी तरह नेपाल में १६ हजार व्यक्ति का मौत इसके के कारण होता है ।

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