रास्वपा में आबद्ध होना उम्मेदवारी बनना नहीं हैः लामिछाने

काठमांडू, २९ जुलाई । राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के अध्यक्ष रवी लामिछाने ने कहा है कि रास्वपा पार्टी में आबद्ध होना ही उम्मेदवार बनना नहीं है । कांग्रेस, एमाले जैसे पुराने पार्टी परित्याग कर पछिली बार रास्वाप प्रवेश करनेवालों की संख्या बढ़ती जा रही है । रास्वपा प्रवेश करनेवाले नेता–कार्यकर्ता कहते हैं कि आगामी चुनाव में वही वडाध्यक्ष, पालिका प्रमुख तथा सांसद् पद के उम्मेदवार हैं । ऐसी ही कार्यकर्ताओं के प्रति संकेत करते हुए अध्यक्ष लामिछाने ने ऐसा कहा है ।
काठमांडू में आज शनिबार आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए अध्यक्ष लामिछाने ने कहा कि सही व्यक्ति ही चुनाव में उम्मेदवार होना चाहिए, नहीं तो मिसन ०८४ सफल होनेवाला नहीं है । वि.सं. २०८४ साल में होनेवाला चुनाव में प्रथम पार्टी के रुप में स्थापित होने के लिए रास्वपा ने ‘मिसन ०८४’ अभियान शुरु किया है । इसी प्रसंग पर टिप्पणी करते हुए अध्यक्ष लामिछाने ने कहा कि नारे में तो सभी पार्टी सही हैं, लेकिन व्यवहारतः सही ना होने के कारण ही रास्वपा पार्टी की स्थापना हुई है ।
खराब आचरण और चरित्रवाले पार्टी कार्यकर्ता और नेताओं के ऊपर कारवाही करने की चेतावनी देते हुए अध्यक्ष लामिछाने ने कहा है कि अब नारा में नहीं पारा (चरित्र) में नेता और पार्टी स्थापित होना चाहिए ।

