दिव्य शताब्दी पुरुष’ सम्मान से समानित हुए डॉ.गौरी शंकरलाल दास
काठमांडू, १० असोज दिव्य शताब्दी पुरुष डॉ. गौरीशंकरलाल दास का नागरिक अभिनन्दन किया गया है । मंगलवार को राष्ट्रीय सभागृहमा डॉ.दास के जन्म शताब्दी वर्ष तथा उनके सौ वर्ष के होने के अवसर पर नागरिक स्तर से तथा काठमांडू महानगर ने एकसाथ उन्हें सम्मान किया है ।
वरिष्ठ चिकित्सक, समाजसेवी तथा प्रशासनिक क्षेत्र में लम्बे समय तक अपना योगदान देने वाले डॉ. गौरीशंकरलाल दास को नागरिक स्तर से ‘दिव्य शताब्दी पुरुष’ की उपाधि से सम्मानित किया गया है ।
डॉ गौरी शंकर लाल दास पेशे से डॉक्टर हैं । साथ ही उन्हें साहित्य सें भी बहुत लगाव है । दास को कार्यवाहक प्रधानमन्त्री पुर्णबहादुर खडका ने प्रमाणपत्र और दोशाला ओढ़ाकर सम्मानित किया ।‘दिव्य शताब्दी पुरुष’ घोषणा का समर्थन करते हुए प्रमुख अतिथि कावा प्रधानमन्त्री खड्का ने डा. गौरीशंकर लाल दास के सामाजिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि – इसकी जितनी भी चर्चा की जाए कम है । उनका सादा जीवन, उच्च विचार ही हरेक व्यक्ति के लिए प्रेरक है ।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपप्रधानमन्त्री पूर्णबहादुर खड्का ने कहा कि डॉ. दास को सरकार ने सम्मान किया है । डॉ. दास को नागरिक अभिनन्दन करते हुए उनके मूल परामर्श समिति के साथ समन्वय कर सम्मान करना मन्त्रिपरिषद् से आवश्यक निर्णय करने की प्रतिबद्धता जताई है ।
उपप्रधानमन्त्री खड्का ने कहा कि –उन्होंने निजी एवं पारिवारिक स्तर से उपर उठकर समग्र समाज और देश को अपनी सेवा द्वारा अतुलनीय योगदान दिया है ।
उपप्रधानमन्त्री खड्का ने कहा कि –लोक कल्याणकारी कार्य द्वारा देश, जनता और समाज के हित के लिए अमूल्य योगदान देने वाले विशिष्ठ व्यक्तियों को अभिनन्दन कर यथोचित सम्मान करना नेपाली समाज की मौलिक परम्परा और संस्कृति है ।
डॉ गौरी शंकर लाल दास असोज ९ गते को अपने सौंवें वर्ष में प्रवेश किया है । दास सिरहा का जन्म इनर्वा में वि. स १९८१ को हुआ । इनके पिता जनार्दन लाल दास और माँ भवानी दास हैं । पत्नी श्रीमती गंगादेवी दास की मृत्यु २०५४ में ही हो गई । पत्नी की मृत्यु होने के बाद वो विभिन्न सामाजिक संघ संस्था में लागकर काम करने लगे थे । वे २००९ साल से ही चिकित्सा पेशा में संंलग्न हुए थे ।


