चेतना शून्य मुर्ख ही राजतन्त्र को मानता हैः ओली

काठमांडू, २४ नवम्बर । नेकपा एमाले के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने कहा है कि चेतना शून्य मुर्ख ही राजतन्त्र को मानते हैं । दुर्गा प्रसाई द्वारा शुरु आन्दोलन की पृष्ठभूमि में शुक्रबार काठमांडू में युवा संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
अध्यक्ष ओली ने कहा कि कुछ देशों में ऐतिहासिक कारण आज भी राजतन्त्र है, लेकिन नेपाल में अब संभव नहीं है । उन्होंने आगे कहा– ‘नागरिक सर्वोच्चता को अस्वीकार करनेवाले, एक ही व्यक्ति में सार्वभौमसत्ता खोजना, यह भी कई चेतना है ?’ उन्होंने कहा कि राजतन्त्रकालिन समय में जनता ने सिर्फ दुःख पाया है । अध्यक्ष ओली ने कहा कि अगर कोई राजतन्त्र को वापस करने की सपना देखता है तो वह दिवास्वप्न है ।
अध्यक्ष ओली ने यह भी कहा कि अगर कोई राजतन्त्र के नाम से राजनीतिक और सामाजिक अराजकता सिर्जना करता है तो प्रतिकार के लिए युवा संघ काफी है ।

