ई–चुरोट प्रतिबन्ध लगाने का डब्ल्यूएचओ का आग्रह
काठमांडू, २९ मंसिर
विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने संसार के सभी देशों को सुर्तीजन्य उत्पादनों में प्रतिबन्ध लगाने का आग्रह किया है । डब्ल्यूएचओ ने विभिन्न स्वाद में उपलब्ध कराए ई–चुरोट(भेप) के प्रयोग से युवाओं का निकोटिन के लत में पड़ने का उल्लेख करते हुए इसे तत्काल रोकने का आग्रह किया है । डब्लुएचओ ने बताया कि विभिन्न स्वाद में ई–चुरोट युवाओं को लत का शिकार बना रही है । धुम्रपान के विकल्प के. रूप में सुर्तीजन्य पदार्थ को कम्पनीयों ने ई–सिगरेट को प्रस्तुत कर रही है । डब्ल्यूएचओ के महानिर्देशक टेड्रोस गेब्रेयसस ने १३–१४ वर्ष के बालबालिकों ने ई–सिगरेट प्रयोग करते आ रहे हैं । युवाओं को निकोटिन के लत में पड़ने के विषय को लेकर भी कड़ा कदम चलना जरुरी है ।
डब्ल्यूएचओ के महानिर्देशक ने कहा कि ‘डब्ल्यूएचओ को राष्ट्रीय नियमों में कोई अधिकार नहीं है । लेकिन ये सिफारिस सभी देश स्वेच्छिक रूप में स्वीकार करें ऐसी अपेक्षा की है जो अभी तक है । फिलिप मोरिस इन्टरनेशनल और ब्रिटिश अमेरिकन टोब्या के जैसे कुछ प्रमुख चुरोट कम्पनी ने भ्याप के माध्यम से सिगरेट खपत के लिए भविष्य के वैकल्पिक रणनीतियों में काम कर रहे हैं । ये खतरनाक है ।’

