सुस्ता गाँवपालिका को लुम्बिनी से गण्डकी में लाने के लिए एमाले का संकल्प प्रस्ताव
काठमांडू, फागुन १६ – नवलपरासी पूर्व के सुस्ता गाँवपालिका को गण्डकी प्रदेश में वापस लाने की मांग को लेकर नेकपा एमाले ने गण्डकी प्रदेशसभा सचिवालय में संकल्प प्रस्ताव दर्ता किया है ।
संविधान निर्माण के समय में नवलपरासी जिला का विभाजन कर नवलपरासी (वर्दघाट सुस्ता पूर्व) गण्डकी प्रदेश में और नवलपरासी (बर्दघाट सुस्ता पश्चिम) लुम्बिनी प्रदेश में रहने की भूगोल निर्धारण की गई थी ।
लेकिन सीमा का हेरफेर कर सुस्ता गाँवपालिका लुम्बिनी में दे दिया गया । उसे वापस लेने के लिए एमाले गण्डकी प्रदेश संसदीय दल के नेता अधिकारी की ओर से प्रमुख सचेतक गोविन्द नेपाली ने गण्डकी के संसद सचिवालय में बुधवार को संकल्प प्रस्ताव दर्ता करवाया है । ६ महीना के बाद गण्डकी प्रदेश सभा का अधिवेशन आज (बुधवार) को हो रही है । अभी लुम्बिनी प्रदेश अन्तर्गत रहे सुस्ता गाँवपालिका २०७४ साल असार ३० गते हुए पदाधिकारियों की पहली वैठक ने ही सुस्ता गाँवपालिका को गण्डकी प्रदेश में रखने की मांग करने का निर्णय किया था । लेकिन सरकार ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया इसलिए एमाले ने संकल्प प्रस्ताव लाया है ।
एमाले के सांसद से संकल्प प्रस्ताव दर्ता होने के ७ दिन बाद मात्र सभामुख की अध्यक्षता में कार्यव्यवस्था समिति में चर्चा होकर आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तय की जाएगी । ये जानकारी संसद सचिवालय के उपसचिव तथा सूचना अधिकारी प्रेम सुवेदी ने दी है ।

