दाऊद को पकड़ने में मदद देगा अमेरिका, भारत के 3 शहरों को बनाएगा स्मार्ट सिटीज
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांच दिवसीय अमेरिका दौरा बुधवार को खत्म हो गया और वह भारत के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ व्हाइट हाउस में शिखर वार्ता की जिसमें आतंकवाद पर साझा कार्रवाई, निवेश, व्यापार, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ), भारत में स्मार्ट सिटीज बनाने में अमेरिकी सहयोग और रक्षा समझौते पर करीब दो घंटे तक बात हुई। अमेरिका ने जहां भारत में मोस्ट वांटेड आतंकवादी और मुंबई बम धमाकों के जिम्मेदार दाऊद इब्राहिम के खिलाफ कार्रवाई में मदद देने की बात कही है, वहीं भारत ने आतंकी संगठन आईएसआईएस के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से इनकार कर दिया। मोदी और ओबामा ने इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी अखबार ‘वाशिंगटन पोस्ट’ के लिए संयुक्त संपादकीय लिखा था।दाऊद कंपनी और आतंक के खिलाफ कार्रवाई
मोदी और ओबामा के बीच बातचीत में आतंकवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठा। दोनों देश पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, अल कायदा, हक्कानी नेटवर्क और दाऊद इब्राहिम कंपनी के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई पर सहमत हुए। कार्रवाई में इन संगठनों को मिलने वाली वित्तीय और रणनीतिक मदद को निशाना बनाना शामिल है।
मोदी और ओबामा के बीच बातचीत में आतंकवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठा। दोनों देश पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, अल कायदा, हक्कानी नेटवर्क और दाऊद इब्राहिम कंपनी के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई पर सहमत हुए। कार्रवाई में इन संगठनों को मिलने वाली वित्तीय और रणनीतिक मदद को निशाना बनाना शामिल है।
ISIS के खिलाफ लड़ाई में शामिल नहीं होगा भारत
सीरिया और इराक में जबर्दस्त तबाही मचा रहे आतंकी संगठन आईएसआईएस के खिलाफ अमेरिकी और अन्य पश्चिमी देशों की सैन्य कार्रवाई में भारत शामिल नहीं होगा। मोदी और ओबामा की मुलाकात के बाद विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विक्रम दुरईस्वामी ने इस बात की जानकारी द
सीरिया और इराक में जबर्दस्त तबाही मचा रहे आतंकी संगठन आईएसआईएस के खिलाफ अमेरिकी और अन्य पश्चिमी देशों की सैन्य कार्रवाई में भारत शामिल नहीं होगा। मोदी और ओबामा की मुलाकात के बाद विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विक्रम दुरईस्वामी ने इस बात की जानकारी द
स्मार्ट सिटीज बनाने में अमेरिका देगा मदद
दोनों देशों की तरफ से जो संयुक्त बयान जारी किया गया, उसमें कहा गया कि अमेरिका भारत के तीन शहरों को स्मार्ट सिटीज बनाने में मदद देगा। ये शहर हैं- अजमेर, इलाहाबाद और विशाखपट्टनम।
दोनों देशों की तरफ से जो संयुक्त बयान जारी किया गया, उसमें कहा गया कि अमेरिका भारत के तीन शहरों को स्मार्ट सिटीज बनाने में मदद देगा। ये शहर हैं- अजमेर, इलाहाबाद और विशाखपट्टनम।
रक्षा समझौते पर सहमति
भारत और अमेरिका ने आपसी रक्षा रिश्ते को नई दिशा देने पर सहमति जताई है। दोनों देश रक्षा समझौते को अगले दस सालों के लिए बढ़ाने पर सैद्धांतिक तौर पर राजी हो गए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सहयोग को गति मिलेगी। गौरतलब है कि अमेरिका भारत के साथ 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के रक्षा सौदे करने की कोशिश कर रहा है। इस समझौते में हमलावर अपाचे हेलिकॉप्टर, भारी मालवाहक विमान चिनुक और टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल जेवलिन शामिल हैं।
भारत और अमेरिका ने आपसी रक्षा रिश्ते को नई दिशा देने पर सहमति जताई है। दोनों देश रक्षा समझौते को अगले दस सालों के लिए बढ़ाने पर सैद्धांतिक तौर पर राजी हो गए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सहयोग को गति मिलेगी। गौरतलब है कि अमेरिका भारत के साथ 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के रक्षा सौदे करने की कोशिश कर रहा है। इस समझौते में हमलावर अपाचे हेलिकॉप्टर, भारी मालवाहक विमान चिनुक और टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल जेवलिन शामिल हैं।
परमाणु करार पर बात
दोनों देशों ने अपने बीच हुए परमाणु करार से जुड़े मुद्दों में आ रही परेशानियों को हल करने की भी प्रतिबद्धता जताई है। इसके लिए एक अंतर एजेंसी समूह के गठन का फैसला किया गया है। यह एजेंसी जवाबदेही और तकनीकी अड़चनों को दूर करने के अलावा भारत में अमेरिका निर्मित परमाणु रिएक्टर स्थापित करने में आ रही बाधाओं को देखेगी। भारत की तरफ से अंतर एजेंसी संपर्क समूह में परमाणु उर्जा विभाग, विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि होंगे।
दोनों देशों ने अपने बीच हुए परमाणु करार से जुड़े मुद्दों में आ रही परेशानियों को हल करने की भी प्रतिबद्धता जताई है। इसके लिए एक अंतर एजेंसी समूह के गठन का फैसला किया गया है। यह एजेंसी जवाबदेही और तकनीकी अड़चनों को दूर करने के अलावा भारत में अमेरिका निर्मित परमाणु रिएक्टर स्थापित करने में आ रही बाधाओं को देखेगी। भारत की तरफ से अंतर एजेंसी संपर्क समूह में परमाणु उर्जा विभाग, विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि होंगे।
डब्लयूटीओ पर भारत का रुख बरकरार
मोदी ने ओबामा के साथ विश्व व्यापार संगठन से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात की। हालांकि, उन्होंने भारत की चिंता से भी ओबामा को अवगत कराया। उन्होंने ट्रेड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट का समर्थन किया, लेकिन कहा कि दुनिया को हमारी खाद्य सुरक्षा का भी ध्यान रखना होगा।
मोदी ने ओबामा के साथ विश्व व्यापार संगठन से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात की। हालांकि, उन्होंने भारत की चिंता से भी ओबामा को अवगत कराया। उन्होंने ट्रेड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट का समर्थन किया, लेकिन कहा कि दुनिया को हमारी खाद्य सुरक्षा का भी ध्यान रखना होगा।
इबोला से लड़ाई में मदद
दुनियाभर में भय का दूसरा नाम बन बन चुकी और अफ्रीका महादेश में कई लोगों की जान ले चुकी जानलेवा बीमारी इबोला का मुद्दा भी ओबामा और मोदी की शिखर वार्ता में उठा। मोदी ने इससे लड़ने के लिए एक करोड़ डॉलर की मदद देने का एलान किया।
दुनियाभर में भय का दूसरा नाम बन बन चुकी और अफ्रीका महादेश में कई लोगों की जान ले चुकी जानलेवा बीमारी इबोला का मुद्दा भी ओबामा और मोदी की शिखर वार्ता में उठा। मोदी ने इससे लड़ने के लिए एक करोड़ डॉलर की मदद देने का एलान किया।
कारोबार बढ़ेगा
भारत और अमेरिका ने आपसी कारोबार को और बढ़ाने पर सहमति जताई है। मोदी ने ओबामा से मांग की कि सर्विस सेक्टर की भारतीय कंपनियों को अमेरिका में छूट मिले। साथ ही, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को भरोसा दिलाया कि अमेरिकी कंपनियों को भारत में कारोबार करने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
भारत और अमेरिका ने आपसी कारोबार को और बढ़ाने पर सहमति जताई है। मोदी ने ओबामा से मांग की कि सर्विस सेक्टर की भारतीय कंपनियों को अमेरिका में छूट मिले। साथ ही, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को भरोसा दिलाया कि अमेरिकी कंपनियों को भारत में कारोबार करने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जलवायु परिवर्तन
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सहयोग और सहमति बढ़ाने के लिए दोनों देश आगे भी बातचीत जारी रखेंगे।
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सहयोग और सहमति बढ़ाने के लिए दोनों देश आगे भी बातचीत जारी रखेंगे।
सफाई में सहयोग
दोनों देशों के बीच भारत के 500 शहरों में स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य के मुद्दे पर वॉश (WASH) नाम से एक संयुक्त कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
दोनों देशों के बीच भारत के 500 शहरों में स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य के मुद्दे पर वॉश (WASH) नाम से एक संयुक्त कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।

