ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी सवार हेलीकॉप्टर दुर्घटना, तलाश जारी
काठमांडू, जेठ ७ –
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी सवार हेलीकॉप्टर का अभी तक पता नहीं चल पाया है । राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी सवार हेलीकॉप्टर रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया । ईरान ने रईसी की तलाश में दर्जनों बचाव और खोजी टीमों को लगाया है, लेकिन रात भर चले अभियान के बाद अभी तक ईरानी राष्ट्रपति का कोई पता नहीं चल पाया है। बचाव टीमें दुर्घटना स्थल तक पहुंचने में असफल रह रही हैं ।
ईरान राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का हेलीकॉप्टर क्रैश के घंटों बाद भी पता नहीं चल पाया है । रविवार की शाम को रायसी को ले जा रहा हेलीकॉप्टर ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था । ईरानी अधिकारियों के अनुसार, बचाव दल अंधेरे में हेलीकॉप्टर की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें सफलता नहीं मिल पाई है । हेलीकॉप्टर में सवार लोगों की हालत के बारे में अभी भी कोई जानकारी नहीं है । ईरान की समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, रईसी के साथ हेलीकॉप्टर में ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीर अब्दुल्लाहियान और पूर्वी अजरबैजान के गवर्नर मलिक रहमती समेत अन्य लोग सवार थे । पहाड़ी इलाके और खराब मौसम के चलते बचाव दल को अभियान चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।
ईरान की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी रविवार को अजरबैजान से लगी सीमा पर एक बांध का उद्घाटन करने गए थे । इस समारोह में अजरबैजान के राष्ट्रपति भी शामिल हुए थे । कार्यक्रम से लौटते समय रईसी का हेलीकॉप्टर ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत के वरजाकन क्षेत्र में उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया । ईरान के गृह मंत्री अहमद वाहिदी ने सरकारी टीवी को बताया कि राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर की हार्ड लैंडिंग हुई है।
राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर की तलाश के लिए दर्जनों बचाव टीमों को रवाना किया गया । अधिकारियों ने बताया कि उनका हेलीकॉप्टर पर सवार दो लोगों से संपर्क स्थापित हुआ है, लेकिन घंटों तक चले अभियान के बाद भी रेस्क्यू टीम दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर तक नहीं पहुंच पाई है । ईरान की रेड क्रिसेंट सोसायटी ने बताया कि इलाका पहाड़ी है और मौसम भी बहुत खराब है जिसके चलते बचाव दल को अभियान चलाने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रेड क्रिसेंट ने कहा, पूर्वी अजरबैजान, तेहरान, अल्बोरज, अर्दबील, जांजन और पश्चिमी अजरबैजान प्रांतों से द्धट बचाव और खोजी टीमें अभियान में मदद के लिए भेजी गई हैं ।


