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मधेश के मुख्यमन्त्री के निर्णय विरुद्ध सर्वोच्च में रीट

 

काठमांडू, जेठ २९ – मधेस प्रदेश के सांसदों को पैसा वितरण किया गया है । इसके विरुद्ध सर्वोच्च अदालत में रीट निवेदन दर्ता की गई है । मधेश प्रदेश के मुख्यमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् के कार्यालय को विपक्ष बनाकर मनिषकुमार मण्डल, पारितोष कुमार साह और आबिद हुसैन ने सर्वोच्च में रीट दायर की है ।
सर्वोच्च अदालत के सहप्रवक्ता गोविन्द घिमिरे ने जानकारी देते हुए कहा कि जनमत पार्टी के नेता सतिश सिंह के नेतृत्व में गठित मधेश प्रदेश मन्त्रिपरिषद् की पहली बैठक ने प्रत्यक्ष निर्वाचित सांसद को ५ करोड़ और समानुपातिक सांसद को एक करोड़ ५० लाख की योजना देने का निर्णय किया था । इसी को चुनौती देते हुए उन सभी ने मंगलवार को रीट दायर किया है । उक्त निर्णय शक्ति पृथकीकरण के सिद्धान्त विपरीत है । इसलिए उन्होंने मांग की है कि इस निर्णय को बदर करने का आदेश जारी किया जाए । रीट की पेशी बुधवार को की जाएगी ।
रीट में दाबा किया गया है कि मधेस सरकार द्वारा किए गए उक्त निर्णय से संविधान की धारा १६२ और धारा २१४ अनुरूप प्रदेश कार्यकारिणी और स्थानीय तह के कार्यकारिणी अधिकार समेत का हस्तक्षेप हुआ है । रीट में आर्थिक वर्ष २०८०÷८१ के बजट वक्तव्य में हुए संसदीय क्षेत्र पूर्वाधार विकास कार्यक्रम तत्काल कार्यान्वयन नहीं कर सर्वोच्च के अन्तरिम आदेश का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने मधेश सरकार के निर्णय को रोकने की मांग की है ।

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