भारत नेपाल मित्रता एवं आर्थिक सहयोग पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन
काठमांडू, 16 जून । आज राजधानी में Indo Nepal friendship & Economic Co-operation एवं “Asia Pacific Excellence Award” पर एक अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम नेपाल इंडिया फोरम फ़ॉर पीस & डेवलोपमेन्ट तथा Citizens Integration peace institute द्वारा संयुक्त रुओ में आयोजन किया गया था । कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि पूर्व प्रधानमंत्री श्री माधव कुमार नेपाल जी थे तथा विशिष्ट अतिथि पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री श्री हित बहादुर तमांग जी थे। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पूर्व राजदूत द्वय श्री केबी राजन और श्री लोक राज बराल थे।

Citizens Integration peace institute के निदेशक श्री SP सिंह ने मंत्री श्री हित बहादुर तमांग जी का स्वागत किया ।
समारोह में स्वागत भाषण करते हुए योगाचार्य श्री गोरखनाथ सरस्वती ने नेपाल भारत सम्बंध को अद्वितीय बताया । उन्होंने पीपुल का आर्थिक स्तर कैसे सुधारा जाय इसपर प्रकाश डाला ।
इस अवसर पर भारत के पूर्व मंत्री स्व भीष्म नारायण सिंह जी को याद किया गया । श्री विष्णु हरि नेपाल जी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया।
समारोह में की नोट स्पीकर के रूप में प्रो डॉ लोकराज बराल ने विभिन्न प्रोजेक्ट के बारे में विस्तृत से प्रस्तुत किया ।
इस अवसर पर पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री श्री हित बहादुर तमांग जी ने कहा कि नेपाल भारत सम्बध पौराणिक काल से चली आ रही सम्बन्ध है। इसके बाबजूद कुछ समस्याएं जरूर है जिसको हम आवस्यकता अनुसार समाधान भी करतें हैं । मंत्री महोदय ने व्यापार घटा की भी चर्चा की । नेपाल के व्यापार घाटा कैसे कम किया जाय इसपर दोनों देश को मिलकर सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत से सबसे ज्यादा पर्यटक पशुपति दर्शन के लिए आतें है । उनलोगों की सुविधा के लिए हमने पशुपति गुरु योजना भी लाया है । उन्होंने eco हिल स्टेशन की चर्चा की । हिल स्टेशन भारत के सीमावर्ती क्षेत्र को ध्यान में रखकर किया जा रहा है जिससे दोनों देश के लोग लाभान्वित होंगे ।
पूर्व राजदूत केवी राजन ने महाकाली सन्धि की चर्चा करते हुऐ नेपाल और भारत के सम्बन्ध की व्यख्या की ।
प्रमुख अतिथि के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल जी ने भारत के लोकतांत्रिक चुनाव सम्पन्न होने पर हार्दिक बधाई व्यक्त की । उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के पड़ोसी फर्स्ट की नीति की सराहना की । पूर्व प्रधानमंत्री जी ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी अप्रजातांत्रिक पार्टी नहीं है यह भी प्रजातांत्रिक पार्टी है। उन्होंने अपने भारत भर्मण की चर्चा की ।
सम्मेलन में भारत से 40 लोगों की सहभागिता है । विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति को पुरष्कृत भी किया गया ।









