एक मधेश एक प्रदेश सेअलग कोई भी सविधान मान्य नही : उपेन्द्र यादव
वीरगन्ज,१६ कार्तिक । जैसे-जैसे काँग्रेस और एमाले व्दारा प्रक्रिया मे जाकर संविधान लाने की बात पर एकरुपता दिखाइ देती है वैसेही कुछ मेधेसी नेताओं ने इसके विरुध्द आवाज उठाना शुरुकर दिया है । इसमे अपनी खामोसी को तोडते हुये मधेसी जनअधिकार फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने कांग्रेस और एमाले व्दारा सहमति वेगैर प्रक्रिया से संविधान जारी करने पर अपनी आपत्ति जानाइ है । उन्होने कहा है कि अगर ऐसा संविधान जारी किया गया तो उनको और उनके पार्टी को स्वीकार्य नही होगा ।
यादव ने चेतावनी देते हुये कहा कि अगर ऐसा हुआ तो वे संविधानसभा छोडकर सडक आन्दोलन के मार्फत से नयाँ संविधान की घोषणा करेगें । उन्होने यह बात पार्टी प्रवेश कार्यक्रम मे कही । रविवार को उनकी पार्टी मधेसी जनअधिकार फोरम पर्सा व्दारा धोविनी गावँ मे पार्टी प्रवेश कार्यक्रम का आयोजन किया गया था ।
ऊन्होने कहा कि राज्यपुनःसंरचना के बटमलाइन से जडासा भी अलग नही तथा पुर्णरुपेन संघीयता सहित का संविधान चहिये । यादव ने आगे कहा कि अगर संविधान सभा से मधेशी, दलित, आदिवासी, जनजाति को अधिकार स्थापित नही हुआ तो अपनी मातृभूमि से अधिकार के लिये लड्ने के सिवा दुसरा और कोई चरा नही रह जायेगा।
उन्होने एकवार फिर एक मधेश एक प्रदेश के बिना कोई भी सविधान किसी भी रुप मे मान्य न होने की बात दोहराई । उन्होने कहा कि अगर मधेश को टुकरा मे बाँटा गया तो सडक और सदन से कडा प्रतिकार किया जायेगा । हलाकि उन्होने शान्तिपर जोड देते हुये कहा कि मधेश किसी का गुलाम नही है मधेश को शान्ति चहिये । लोकतन्त्र मे सभी को बराबरी का अधिकार मिलना चहिये ।
