भारत विकास परिषद की अनूठी पहल: “चलें गाँव की ओर” के तहत किसानों के साथ खेत में उतरे परिषद के सदस्य
रक्सौल: आज बृहस्पतिवार को समाज सेवा को गाँव की चौपाल तक पहुँचाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद, शाखा–रक्सौल द्वारा शुरू किए गए “चलें गाँव की ओर” अभियान का शुभारंभ गुरुवार को कनना ग्राम पंचायत स्थित किसान श्री अनिरुद्ध सिंह के खेत में धान के बिचड़ों की बुआई के साथ किया गया। इस अवसर पर परिषद के दायित्वधारियों एवं सदस्यों ने किसानों के साथ खेत में उतरकर धान की बुआई की और उनके श्रम, समर्पण एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान को नमन करते हुए किसान भाइयों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही सभी कृषकों को अंकुरित चना, मुँग एवं गुड़ परिषद की ओर से जलपान के निमित्त दिया गया।
कार्यक्रम में कनना ग्राम पंचायत के माननीय मुखिया जफीर अहमद की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी तथा सफल संचालन एवं संयोजन शाखा के पर्यावरण संयोजक श्री विजय कुमार साह ने किया।
इस मौके पर भारत विकास परिषद, शाखा–रक्सौल के अध्यक्ष श्री रजनीश प्रियदर्शी ने कहा कि परिषद का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा, संस्कार, सहयोग और समर्पण की भावना पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है और गाँवों के विकास से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि “चलें गाँव की ओर” अभियान के माध्यम से परिषद गाँव-गाँव पहुँचकर पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभाव जागृत करने वाले कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करेगी।
वहीं पर्यावरण संयोजक श्री विजय कुमार साह ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि प्रकृति के सच्चे संरक्षक भी हैं। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिषद का यह अभियान समाज और गाँवों के बीच आत्मीय संबंधों को और मजबूत करेगा।
इस अवसर पर उपस्थित कनना ग्राम पंचायत के मुखिया जफीर अहमद को अंगवस्त्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। वहीं उन्होने भारत विकास परिषद की इस अभिनव पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक संगठनों का गाँवों की ओर बढ़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब समाज किसानों के साथ खड़ा होगा, तभी समावेशी विकास की अवधारणा सार्थक होगी।
किसान अनिरुद्ध सिंह ने परिषद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के साथ खेत में उतरकर कार्य करना उनके श्रम के प्रति वास्तविक सम्मान है। इससे समाज और किसानों के बीच आत्मीयता और विश्वास का रिश्ता और मजबूत होगा।
भारत विकास परिषद, शाखा–रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने कहा कि परिषद की पहचान केवल आयोजनों से नहीं, बल्कि समाज के बीच जाकर किए जाने वाले सेवा कार्यों से बनती है। उन्होंने कहा कि “चलें गाँव की ओर” अभियान परिषद की सेवा यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक समरसता के कार्यक्रम निरंतर चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि परिषद का प्रयास है कि सेवा का प्रत्येक अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और प्रत्येक नागरिक स्वयं को राष्ट्र निर्माण का सहभागी महसूस करे।
वहीं सुनील कुमार, अजय कुमार एवं प्रशांत कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि गाँव-गाँव चलेगा सेवा और संस्कार का अभियान।
उन्होंने यह भी बताया कि अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में निम्नलिखित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे—वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान, शिक्षा एवं संस्कार जागरूकता, स्वास्थ्य जाँच एवं जन-जागरूकता शिविर, महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा,
वरिष्ठ नागरिक सम्मान, सामाजिक समरसता एवं जनसंपर्क, स्वच्छता एवं जल संरक्षण अभियान, राष्ट्रभक्ति एवं नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता शामिल है।
मौके पर उमेश सिकारिया, सुनील कुमार, बिमल कुमार सर्राफ, विजय कुमार साह, अजय कुमार, प्रशांत कुमार, दिनेश प्रसाद, विनोद कुमार एवं अशोक कुमार, किसान अनिरुद्ध सिंह सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे। इसकी जानकारी शाखा के सम्पर्क संयोजक उमेश सिकारिया एवं सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने दी है।


