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कांग्रेस और एमाले का प्रस्ताव ‘मधेश बिरोधी’ : अमरेश सिंह

 

amresh singh (2)काठमान्डू,१७ नवम्बर । मैं तराई के लोगों का वोट से निर्वाचित हुआ हूँ । मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा बीच बीच मे करता रहता हूँ । मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के अलावा पूरे तराई का भी भ्रमण कइबार करचुका हूँ । मैं तराई के विकास और देश के संविधान के अतिरिक्त कई मुद्दों पर जनता के साथ बात चित कर चुका हूँ । वे हमेशा बातचित के दरमियान तराइ मे अधिकतम दो प्रांतों के लिये ही तैयार देखेजाते हैं । तराई मे दो प्रदेश से ज्यादा वहाँ की जनता को स्वीकार नही है । तराई की जनता राजा महेंद्र व्दारा की गइ संरचना को तोड़ना चाहते हैं ।  वे अचंल स्तरिय प्रदेश की स्वीकृति कदापि देने के पक्ष मे नहीं हैं । मैं तराई के जनता के खिलाप नही जा सकता हूँ । मैं उनके जनादेश के अनुसार चाहे कितना भी कठिन संघर्ष क्यों न करना परे उसके लिये तैयार हूँ । मैं अन्तिम दम तक मधेश के लिये लडता रहूगां । यह विचार है नेपाली कांग्रेस के सभासद श्री अमरेशकुमार सिंह का ।

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कांग्रेस और एमाले व्दारा लाया गया सात प्रदेशिय प्रस्ताव पर अमरेश सिंह ने अपना हस्ताक्षर नहीं किया है । जिसके वजह से का्ग्रेश मे काफी विवाद शुरु हो गया है  तथा काँग्रेशियों को दो तिहाइ बहुमत जुटाने भी परेशानी होरही है । अमरेश सिंह ने उस प्रस्ताव को ‘मधेश बिरोधी करार दिया है । इसबीच कुछ काग्रेश के नेता अमरेश शिंह के खिलाफ जेहाद छेड दिया है । कुछ कांग्रेशी सांसद तो  अमरेश सिंह को काग्रेश से निकालने का भी माँग कर दिया है । इसबीच सिंह पर ७प्रेदेस के पक्ष मे हस्ताक्षर करने के लिये जबरदस्त दबाव पररहा है । खबर है कि काँग्रेश के बडे नेता भी उन्हे वुलाकर हस्ताक्षर करने का दबाव दिया है लेकिन सिंह अपनी अडान पर अभी तक कायम हैं । अब देखना है कि अमरेश सिंह मधेश के पक्ष मे अपनी अडान पर कायम रहते हैं या काँग्रेसी दबाव के समने घुटना टेकते हैं ?

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