नेपाल से आने वाली बाढ़ के कहर से निपटने के लिए बिहार में बनाए जाएंगे चार बाँध
काठमान्डू 5 सितम्बर

प्रत्येक वर्ष नेपाल से आने वाली बाढ़ से बिहार के कइ गाँव प्रभावित होते हैं । अब बिहार में नेपाल से आने वाली बाढ़ के कहर से निपटने के लिए बिहार राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने का फैसला लिया है। राज्य सरकार नेपाल से सटी सीमा पर बहने वाली चार प्रमुख नदियों गंडक, कोसी, बागमती और महानंदा पर चार नए बैराज बनाने जा रही है। शुक्रवार को सूचना भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने यह जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि राज्य के 73 फीसदी हिस्से बाढ़ प्रभावित हैं। नेपाल से आने वाली नदियों में आने वाली बाढ़ से हर साल भारी तबाही होती है। इस समस्या का स्थायी समाधान नेपाल में ही हाई लेवल डैम के निर्माण में है, जिसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
हालांकि, नेपाल में हाई लेवल डैम के निर्माण तक बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने चार नदियों पर बैराज बनाने की योजना बनाई है। गंडक नदी पर पूर्वी चंपारण के अरेराज में, कोसी नदी पर सुपौल के डगमारा में, बागमती नदी पर सीतामढ़ी के ढेंग में और महानंदा नदी पर मसान में नए बैराज बनाए जाएंगे। मंत्री चौधरी ने बताया कि इन नए बैराजों के निर्माण के लिए नया डीपीआर तैयार किया जा रहा है। इसके लिए विश्व बैंक से 4400 करोड़ रुपये की सहायता ली जा रही है। यह डीपीआर मार्च 2025 तक पूरा हो जाएगा। मंत्री ने कहा, ‘बाढ़ की समस्या का असली समाधान नेपाल में हाइलेवल डैम बनाकर होगा। केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है।’ मंत्री ने आगे बताया कि नेपाल में हाई लेवल डैम के निर्माण के लिए 2004 में विराटनगर में एक संयुक्त परियोजना कार्यालय भी खोला गया था, लेकिन नेपाल में स्थानीय लोगों के विरोध के चलते सर्वेक्षण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। पहले भी इस डैम के लिए डीपीआर तैयार किया जा चुका है।

