मां मुण्डेश्वरी शक्ति पीठ में बकरे की अहिंसक ढंग से दी जाती है बलि

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । बिहार राज्य के कैमूर जिला के भगवान प्रखंड के पवरा पहाड़ी पर मां मुण्डेश्वरी देवी शक्ति पीठ अवस्थित है।मां मुण्डेश्वरी धाम में वलि देने की प्रथा बिल्कुल अनोखा हैं।इस मंदिर में आज भी सात्विक तरीके से वलि दी जाती है।जो आज लोगों के बीच चर्चा का बिषय है।इसमें बली जीव का बली तो दी जाती है। लेकिन उस जीव का जीवन नहीं लिया जाता है। मुण्डेश्वरी देवी शक्ति पीठ में पूरे भारत से भक्त अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। मान्यता यह है कि मुण्डेश्वरी देवी से सच्चे दिल से मांगी गयी मनोकामना पूरी होती है। यहां बकरे बलि देने की प्रथा है लेकिन बकरे को पुजारी मां के चरण में समर्पित कर अक्षत पुष्प डालते हैं और उसका संकल्प करा कर भक्त को सौंप देते हैं। स्थानीय लोग उस बकरे छोड़ देते हैं। वहीं कुछ लोग मार कर खाते हैं लेकिन ऐसा बहुत कम है। मुण्डेश्वरी धाम की महिमा वैष्णो देवी तथा ज्वाला देवी जैसी मानी जाती है। इतिहासकारो के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 635-636ईस्वी में कराया गया।जो शिलालेख पर उल्लेख है। मुंडेश्वरी के इस अष्टकोणीय मंदिर का निर्माण महाराजा उदय सेन के शासन काल में हुआ।काश!राजदेवी मंदिर में इसी तरह का बलि प्रथा का चलन होता।

