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ठोस तथा प्लास्टिक कचरा नहीं जलाने का वातावरण विभाग ने किया आग्रह

 

काठमांडू, मंसिर १० – काठमांडू उपत्यका तथा अन्य स्थानों में वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण वातावरण विभाग ने ठोस तथा प्लास्टिक कचरा नहीं जलाने का आग्रह किया है ।
सर्दी शुरू होने के बाद वायु प्रदूषण धीरे–धीरे बढ़ने लगा है, इसलिए विभाग ने प्रदूषण नियंत्रण का अनुरोध किया है । पिछले कुछ सप्ताहों से काठमांडू उपत्यका समेत नेपाल के तराई क्षेत्रों में वायु प्रदूषण बहुत बढ़ गया है ।
विभाग के अनुसार, वायु प्रदूषण के मुख्य कारण उद्योग कल कारखाना और सवारी साधन से निकलने वाले धुआं, खुले रुप में कचरा तथा कृषिजन्य अवशेष जलाने, घर से निकलने वाले धुआं, सड़क तथा निर्माण स्थल से उड़ने वाले धुल आदि हैं ।
वायु गुणस्तर सूचकांक शून्य से ५० होना अच्छा, ५१ से १०० तक मध्यम, १०१ से १५० होना संवेदनशील समूह के लिए अस्वस्थ माना जाता है ।
१५१ से २०० तक अस्वस्थ, २०१ से ३०० तक बहुत ज्यादा अस्वस्थ तथा ३०१ से ज्यादा होना तो खतरनाक माना जाता है ।
वायु प्रदूषण से मानव स्वास्थ्य में नकारात्मक असर पड़ता है । विशेष कर छोटे बच्चें, वृद्धवृद्धा एवं श्वासप्रश्वास और हदृय रोगी, गर्भवती महिलाओं में इसका ज्यादा प्रभाव पड़ता है । इसलिए विभाग ने विशेष सावधानी अपनाने का अनुरोध किया है ।
विभाग ने ठोस तथा प्लास्टिक का कचरा तथा कृषिजन्य अवशेष नहीं जलाने , सवारी साधन का नियमित मरम्मत करना, उद्योग कलकारखाना तथा कीचन में स्वच्छ ऊर्जा का प्रयोग करने का आग्रह किया है ।
सड़क तथा निर्माण स्थलों से उड़ने वाले धुआं यथोचित नियन्त्रण करने का अनुरोध किया है । विभाग देशभर के स्टेशनों आदि में वायु प्रदूषण मापन करती आ रही है ।

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