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प्रभु साह ने प्रधानमंत्री ओली पर देश को धोखा देने का लगाया आरोप

 

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।आम जनता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री प्रभु साह ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर ‘बीआरआई सहयोग फ्रेमवर्क’ के दस्तावेज़ को प्रकाशित न करके देश और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

साह ने मांग की कि समझौते के दस्तावेज़ को सार्वजनिक किया जाना चाहिए क्योंकि समझौते के बारे में सत्ता-सहयोग के प्रमुख दलों कांग्रेस और यूएमएल के नेताओं की अलग-अलग अभिव्यक्तियाँ थीं।

मीडियाकर्मियों से आजसंक्षिप्त बातचीत में उन्होंने यह मांग की। प्रभु साह के मुताबिक, यह स्पष्ट नहीं है कि बीआरआई ऋण या अनुदान है ?क्योंकि सरकार का नेतृत्व करने वाले मुख्य दल प्रधानमंत्री ओली की चीन यात्रा के दौरान हुए समझौते को लेकर बंटे हुए हैं।

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उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ओली ने दावा किया था कि जिस दिन वह चीन की यात्रा के बाद स्वदेश लौटे थे, उस दिन बीआरआई में कोई ऋण समझौता नहीं था और कहा, “उन्होंने दावा किया था कि जिस दिन वह चीन की यात्रा से लौटे थे।” हालांकि, कल अपने गृह जिले झापा में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बीआरआई या तो ऋण या अनुदान हो सकता है। इससे पता चलता है कि उन्होंने बीआरआई को लेकर किए गए समझौते को गुप्त रखकर देश और लोगों को गुमराह किया है।

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साहको ने यह टिप्पणी यह ​​कहने के बाद की कि ‘बीआरआई ऋण भी किया जा सकता है, अनुदान भी दिया जा सकता है या संयुक्त निवेश भी किया जा सकता है’।

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