जासूसी उपन्यासकार श्रीधर खनाल ‘दीर्घबाहु’का निधन
काठमांडू, माघ ३ – जासूसी उपन्यासकार के रुप में अपनी पहचान बनाने वाले पत्रकार तथा लेखक श्रीधर खनाल ‘दीर्घबाहु’का निधन हो गया है । आज सुबह उनका निधन हो गया है । वे ९४ वर्ष के थे । उनके निधन होने की जानकारी उनके छोटे पुत्र ब्रजेश खनाल ने दी ।
२०२२ साल में उनकी ‘शब्दभेदी लडाइँ’ उपन्यास प्रकाशित हुई थी । उसके बाद उन्होंने इन्स्पेक्टर खरेल सिरीज में ‘मुर्कट्टा लास’, ‘छऔंले मान्छे’, ‘पानको गुलाम’, ‘डाक्टर डेमन’ उपन्यास लिखें हैं ।
इसी तरह डिटेक्टिभ कमलराज रुपाखेती सिरीज में ‘मेजरको सर्प’, ‘बिखालु इच्छापत्र’, ‘बाह्र बजेको घन्टी’, ‘भेनसका हिप्पीहरू’ और ‘नांगिएकी सुन्दरी’ भी लिखी हैं ।
साथ ही राम महर्जन सिरीज मों ‘हङकङको व्यापारी’, ‘हेलम्बुकी अप्सरा’ और ‘गुलाफी पिन’ नामक जासुसी उपन्यास भी उन्होंने ने लिखें हैं ।
नेपाल आँखा अस्पताल के आजीवन संस्थापक सदस्य रहे वें त्रिभुवन विश्वविद्यालय के प्राज्ञसभा सदस्य भी थे ।
परिवार के सदस्य ने यह जानकारी दी है कि आज ही उनकी पशुपति आर्यघाट में अन्त्येष्टि की जाएगी ।

