एनपीएल नेपाल का सपना था जिसे वह साकार किया : कंचना झा
कंचना झा, हिमालिनी अंक दिसम्बर 024 । कर्णाली याक्स, काठमांडू गोर्खाज, लुम्बिनी लायन्स, विराटनगर किंग्स, पोखरा एभेन्जर्स, जनकपुर बोल्ट्स,सुदूरपश्चिम रोएल्स तथा चितवन राइनोज, ये है नेपाल की एनपीएल टीम । जिनकी चर्चा अभी नेपाल में ही नहीं वरन विश्व में चल रही है । कारण स्पष्ट है कि विश्व क्रिकेट जगत के सर्वश्रेष्ठ खिलाडि़यों की उपस्थित है अभी नेपाल में । उनकी इस उपस्थिति ने नेपाल को एनपीएलमय बना दिया है । कीर्तिपुर स्टेडियम की खुबसूरती अभी देखती ही बनती हैं । प्रत्येक दिन हजारों हजार की भीड़ होती है कीर्तिपुर में । युवाओं में एक अजीब सा आकर्षण है क्रिकेट को लेकर । राष्ट्रीय खिलाड़ी के साथ ही विश्व के नामी गिरामी चेहते खिलाडि़यों को एक नजर, एक झलक देखने की ललक से लोग वहाँ इकठ्टा हो रहे हैं ।
यह पहला अवसर है जहाँ नेपाल के लोग एक साथ इतने सितारों को देख रहे हैं । २०२४ में कैन (नेपाल क्रिकेट एसोसिएशन) द्वारा स्थापित इस लीग में आठ शहरों की फ्रेंचाइजी टीमें शामिल हैं । इसका उद्घाटन मंसिर १५ गते को किया गया । एनपीएल का फाइनल पुष ६ गते को किया जाएगा । ‘नेपाल प्रीमियर लीग’ ये अभी तक के सबसे बड़े बजट वाली घरेलू क्रिकेट लीग है । नेपाल का सबसे बड़ा ‘फ्रेंचाइजÞी’ क्रिकेट टूर्नामेंट नेपाल प्रीमियर लीग ‘एनपीएल’ ।
एनपीएल नेपाल का सपना है । जिसे वह साकार कर रहा है । मंसिर १५ से लेकर पुष ६ गते तक यह लीग चलेगी । इस दरम्यान यानी २० दिन में ३२ खेल होंगे । यह आलेख तैयार करते समय तक कुछ मैच खेले जा चुके हैं । एनपीएल में ८ टीम सहभागी है । सात प्रदेश संरचना के साथ यहाँ ८ टीम तैयार की गई है । प्रत्येक प्रदेश से एक टीम । लेकिन बागमती से दो टीम तैयार की गई है । बागमती से काठमांडू गोर्खाज, तथा चितवन राइनोज ।
प्रत्येक टीम में विदेशी खिलाड़ी हैं । विराटनगर में ५ विदेशी खिलाडी हैं । जनकपुर में ५, चितवन में ५, काठमांडू गोर्खाज में ५, पोखरा में ४, लुम्बिनी में ५, कर्णाली में ४ तथा सुदुरपश्चिम में ४ विदेशी खिलाड़ी खेल रहे हैं । इन खिलाडि़यों को कितने में खरीदा गया है इस बात का पता नहीं चल पाया है । लेकिन यह सच है इस महाकुंभ में जो निवेश किया गया है उसका लुफ्त नेपाल के दर्शक उठा रहे हैं ।
फ्रेंचाइजी क्रिकेट है क्या ?
फ्रेंचाइजी क्रिकेट को दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ खिलाडि़यों को खरीदकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने वाला माना जाता है, जहाँ दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ खिलाडि़यों को खरीदकर कुछ टीम बनाकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेला जाता है । जहाँ अपने देश के खिलाडि़यों के साथ ही विदेशी खिलाड़ी होते हैं, नेपाल के लिए नेपाल प्रीमियर लीग (एनपीएल) के मुख्य आकर्षणों में से एक विदेशी खिलाड़ी भी हैं । अभी कीर्तिपुर स्टेडियम दर्शकों से भरा रहता है । सभी के आकर्षण का केन्द्र अभी क्रिकेट है ।
एनपीएल के पहले मैच में उम्मीद से ज्यादा भीड़ हो गई थी । सच कहें तो प्रशासन को इसे संभालना बहुत मुश्किल हुआ । जिस तरह का लोगों ने अपेक्षा की थी उस तरह की व्यवस्था नहीं थी । सच बात तो यह है कि स्टेडियम अभी बनने के क्रम में है । जिस तरह के खेल को आगे बढ़ा रहे हैं । या जिस ओर हमने कदम बढ़ा दिया है उस हिसाब से व्यवस्था नहीं हो पाई ।
पहले ही मैच में दर्शको को बहुत निराशा हुई । जिस तरह का व्यवहार दर्शकों के साथ किया गया उससे दर्शको में बहुत निराशा हुई । पहले मैच में निराशा के बाबजूद दर्शकों के उमंग में कोई कमी नहीं आई है । अब तक जितने भी मैच हुए हैं सबमें दर्शकों की उत्साहवद्र्धक उपस्थिति है ।
उद्घाटन मैच में टिकट को लेकर दर्शक बहुत नाराज थे । उन्हें स्टेडियम के भीतर नहीं जाने दिया गया । खल्ती ऐप से बहुत से दर्शकों ने टिकट खरीदा था और टिकट के बावजूद उन्हें मैंदान के भीतर नहीं जाने दिया गया ।
कुछ उत्साहित युवा दीवार को कूदकर मैदान में घुस गए । जिन्हें प्रशासन या पुलिस ने रोका तो वो स्टेडियम की जो घेराबंदी की गई थी उसे ही कूदकर भीतर चले आए । एक तरह से कहे तो अफरातफरी मची थी । कारण था कि इस तरह का आयोजन कभी किया ही नहीं गया था ।
नए चीज को देखने की उत्सुकता सभी में होती है । नेपाल के लिए अभी ये सब नया है । तो इन बातों की ओर कैन के साथ साथ सरकार को भी ध्यान देना होगा । इतना ही नहीं जिन्हें जगह नहीं मिली वो पेड़ पर चढ़कर खेल को देख रहे थे । और ये कोई नई बात भी नहीं है । दर्शक इस तरह से खेल का आनंद उठाते हैं । यह दिल और जजबात का खेल है । एनपीएल के मैच में नेपाल के राष्ट्रीय खिलाडि़यों ने अब तक हुए अपने प्रदर्शन से यह साबित किया है कि वह केवल पैसे या टीम के लिए नहीं वह देश के लिए खेल रहा है ।
एनपीएल के खेल की हर तरफ चर्चा हो रही है । जिस तरह और देश में इसमें पानी की तरह पैसे बहाए जाते हैं वैसा एनपीएल में नहीं देखा जा रहा है । दर्शकों ने देखा है कि आई पीएल के खेल में हरेक चौका और छक्का पर कुछ लोग रहते हैं जिनका काम ही डांस करना तो इस तरह का आयोजन नहीं किया गया है नेपाल में । खेल को ग्लैमरस बनाने के लिए चियर लिर्डस रखा जाता है । जो अभी नेपाल में नहीं हुआ है ।
खेल को ग्लैमरस बनाने के लिए उसे इतना आधुनिक बना दिया गया है कि असली खेल कहीं पीछे छूट गया है । खिलाड़ी केवल और केवल अपने लिए खेलते दिख रहे हैं । लेकिन एनपीएल अभी इनसे कोसों दूर है । वैसे इसकी वजह है कि एनपीएल अपनी शुरुआती दौर में है । लेकिन यह यथार्थ है कि नेपाल खेल व्यवस्थापन, खेलकूद विकास के लिए आवश्यकता अनुसार लगानी नहीं लगा पाया है । यहाँ पूर्वाधार का अभाव है । रही बात कैन की तो कैन के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है कि वह नेपाल के बच्चे बच्चे के मन में बस रहा है ।
एनपीएल २०२४ का मैच हमेशा यादगार रहेगा । इनमें एक यादगार पल जनकपुर को एक गेंद में ११ रन का मिलना भी रहेगा । विराटनगर के क्रिस सोल ने पहला ओवर डाला । जनकपुर के कप्तान अनिल शाह स्ट्राइक पर थे । पहली गेंद वाइड चौका होने पर जनकपुर को ५ रन मिले । इसके बाद भी सोल ने एक वाइड गेंद डाली और जनकपुर को एक रन मिल गया । जब पहली गेंद की वैध डिलीवरी की तो ओवर थ्रो हुआ जिससे जनकपुर को फिर ५ रन और मिले । इसतरह जनकपुर को ११ रन मिले ।
अपने हिसाब से कहे तो कैन ने पूरी व्यवस्था की है । लेकिन दर्शको का जो उत्साह और उमंग दिखा है क्रिक्ेट को लेकर इसे संभालना थोड़ा कठिन हो रहा है । बुरा तब लगा दर्शको को जब मार्टिन गप्टिल मैदान के अंदर बल्ला चला रहे थे तो पुलिस का डंडा मैदान के बाहर चल रहा था । कुछ लोग गेट के बाहर भागते दिखे जबकि अन्य दर्शक चिल्ला रहे थे, कुछ अंदर खेल देख रहे थे और कुछ बाहर खेल देख रहे थे ।
इतना ही नहीं उद्घाटन खेल में कीर्तिपुर स्टेडियम में एनपीएल देखने आए दर्शकों को गेट से धक्का दिए जाने से सात लोग घायल हो गए । घायलों में दर्शकों से लेकर पुलिसकर्मी तक शामिल हैं । अगर खेल का प्रबंधन अच्छी तरह से नहीं किया गया तो इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी भविष्य में । और इसका उदाहरण खोजने के लिए बहुत दूर भी नहीं जाना होगा । उदाहरण नेपाल में ही मिल जाएगा । बात साल २०४४ की है जब दशरथ स्टेडियम में फुटबॉल खेला जा रहा था तो तेज हवा, आंधी तूफान के आने से दर्शक भागने लगे । उस वक्त ९३ लोगों की मौत हुई थी ।
इसलिए आने वाले समय में इन बातों का खास ध्यान रखना होगा । हम इतना बड़ा इभेंट करने जा रहे हैं तो हर बात को बहुत ही बारीकी से देखना होगा ।
हम मैच खेल रहे हैं और दर्शक ही नहीं आए तो क्या होगा ? इसलिए दर्शकों की सुविधा को भी ध्यान में रखना होगा । पहले ही मैच में जब सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने कुछ दर्शकों को प्रवेश नहीं करने दिया तो वो तो नाराज होंगे ही न । उनमें से बहुत ऐसे थे जिनके पास टिकट थी, फिर भी उन्हें भीतर नहीं जाने दिया गया ।
बहुत से युवाओं ने कहा कि एकबार अगर आप भीतर चले गए और खुदा न खास्ता आपको किसी कारणवश बाहर आना पड़े तो आप दुबारा भीतर नहीं जा पाएंगे । बहुत मुश्किल हो जाता है ऐसे में । पैसे खर्च करने के बाद भी हम मैच का आनंद नहीं उठा पा रहे हैं । वैसे शायद इस बात का सभी को अंदाजा था कि दर्शक ज्यादा होंगे । मैदान में खेल को देखने का अपना एक अलग ही आनंद है । इसलिए कैन के सचिव पारस खड़का ने उद्घाटन मैच के पहले ही फेसबुक पर एक स्टेटस पोस्ट किया था उन्होंने लोगों से आग्रह किया था कि– आप घर में रहकर मैच देखें । अपने टीभी स्क्रीन पर इसका लाइव देखें । फिर भी मैदान खचाखच भरा था दर्शकों से ।
अब विदेशी खिलाड़ी जो अनुबंधित है उनकी बात करें तो, एनपीएल में भाग लेने वाली आठ फ्रेंचाइजी टीमों ने ३९ विदेशी खिलाडि़यों के साथ अनुबंध किया है ।
वैसे सबसे ज्यादा विदेशी खिलाड़ी को लेकर अगर क्रेज है तो वो है भारतीय खिलाड़ी शिखर धवन को लेक । यह पहली बार है कि भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए खेल चुका कोई भारतीय खिलाड़ी नेपाल में है और फ्रेंचाइजी टीम के लिए खेल रहे हैं ।
कर्णाली याक्स द्वारा ३८ वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज धवन के अनुबंध के साथ, ही एनपीएल की चर्चा और अधिक गर्म हो गई । इन्हें ‘गब्बर’ के नाम से भी जाना जाता है । इन्हें और इनकी खेल को हर कोई हर हाल में देखना चाहता है ।
ऐसे में बहुत ज्यादा आवश्यक है एक अच्छे स्टेडियम की जहाँ दर्शकों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा सके । नेपाल क्रिकेट के क्षेत्र में अपने आप को स्थापित करने जा रहा है । नेपाली दर्शकों में क्रिकेट के प्रति बहुत ज्याद उत्साह देखा जा रहा है तो ऐसे में यहाँ के दर्शकों की सुविधा का ध्यान रखते हुए भविष्य में एक अच्छे स्टेडियम की आवश्यकता है ।
वैसे इसबार भी कैन ने अपनी पूरी शक्ति लगा दी है एनपीएल में लेकिन बहुत सी जगहों पर चूक दिखती है । बहुत सी कमियों पर लोगों का ध्यान गया है । इन बातों से कही न कहीं कैन अनजान था लेकिन भविष्य में वह जरूर इन बातों की ओर अपना ध्यान देगा ।
साथ ही एनपीएल को केवल एक खेल के रूप में नहीं देखना चाहिए । भविष्य में इससे बहुत कुछ फायदा भी होने वाला है नेपाल को । जिस तरह का दर्शक अपना रुख दिखा रहे हैं, आयोजक, प्रायोजक, और विभिन्न मीडिया में विज्ञापन किए जा रहे हैं । उससे आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था में बहुत कुछ सुधार हो सकता है । इसके सकारात्मक रूप को हम इस तरह से भी देख सकते हैं । इसके अलावे राष्ट्रीय खिलाडि़यों का मनाबल बढ़ेगा । उन्हें आर्थिक सहायता मिलेगी । उन्हें जो शिकायतें है वह दूर होगी । लोगों में एक नया विश्वास पैदा होगा कि हम खेलकर भी अपना जीवन यापन कर सकते हैं । यह खेल के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी लहर पैदा करेगा । इस प्रक्रिया में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे ।
हमें कैन को शुभकामना देनी चाहिए । उनका धन्यवाद देना चाहिए । उनके उत्साह को बढ़ाना चाहिए । एक सकारात्मक सोच के साथ एनपीएल को स्वीकार कर भविष्य में इसके और अच्छा काम कर सकें इसकी कामना करनी चाहिए ।
आठ टीम में कौन कौन हैं–
बिराटनगर किंग्स– संदीप लामिछाने, लोकेश बाम, प्रतीश जीसी, बशीर अहमद, राजेश पुलामी मगर, जितेंद्र कुमार मुखिया, अनिल खरेल, दीपक बोहरा, सुभाष भंडारी, नरेन भट्टा, मृणाल गुरुंग, क्रिस सोल, मार्टिन गुप्टिल, निकोलस किर्टन, आकिब इलियास ।
चितवन गैंडे– कुशल मल्ल, रिजन ढकाल, कमल सिंह ऐरी, शरद वेसावकर, बिपिन रावल, संतोष कार्की, दीपेश श्रेष्ठ, अमर सिंह रौतेला, दीपक बोहरा, रंजीत कुमार, गौतम केसी, जान निकोल लोफ्टी–ईटन, मर्चेंट डी लैंग, ल्यूक बेनकेंस्टीन, हसन ईसाखिल ।
जनकपुर बोल्ट्स– आसिफ शेख, ललित राजबंशी, अनिल कुमार साह, रूपेश के सिंह, किशोर महतो, आकाश त्रिपाठी, शुभ कंसकर, शेर मल्ला, हेमंत धामी, अर्निको प्रसाद यादव, तुल बहादुर थापा मगर, जेम्स नीशम, सोहैब मकसूद, लाहिरू मिलन्था, मुहम्मद मोहसिन, जोशुआ ट्रम्प ।
करनाली याक– सोमपाल कामी, गुलशन कुमार झा, नंदन यादव, मौसम ढकाल, अर्ज‘न घरती, देव खनाल, रीत गौतम, भुबन कार्की, दीपेंद्र रावत, दीपक डुमरे, उनीश बिक्रम सिंह ठाकुरी, शिखर धवन, चाडविक वाल्टन, बाबर हयात, हुसैन ।
काठमांडू गोरखा– करण केसी, शहाब आलम, भीम शार्की, राशिद खान, शंकर राणा, दीपेश प्रसाद कंडेल, सुमित महारजन, कृष्णा कार्की, बिबेक केसी, प्रतीक श्रेष्ठ, राजू रिजÞल, माइकल लेविट, गेरहार्ड इरास्मस, स्टीवी सीन एस्किनाजÞी, डैन डौथवेट ।
लुंबिनी लायंस– रोहित कुमार पौडेल, सूर्या तमांग, बिबेक यादव, संदीप जोरा, आशुतोष घिराइया, तिलक राज भंडारी, दुर्गेश गुप्ता, अर्ज‘न साउद, दिनेश अधिकारी, अभिशेष गौतम, विकास आगरी, उन्मुक्त चंद, बेन कटिंग, टॉम मूरेस ।
पोखरा एवेंजर्स– कुशल भुर्टेल, सागर ढकाल, आकाश चंद, किरण कुमार थगुन्ना, नारायण जोशी, बिपिन खत्री, दिलीप नाथ, ट्रिट राज दास, सुनाम गौतम, दिनेश खरेल, अमृत गुरुंग, एंडरसन फिलिप, बास डी लीड, एंड्रीजÞ गौस, मैट क्रिचली, रेमन रीफÞर, माइकल लीस्क ।
सुदुरपश्चिम रॉयल्स– दीपेंद्र सिंह ऐरी, मोहम्मद आरिफ शेख, अबिनाश बोहरा, बिनोद भंडारी, इशान पांडे, अर्ज‘न कुमल, खड़क बहादुर बोहरा, नरेश बुधयेर, भोज राज भट्टा, अमित श्रेष्ठ, नरेन सऊद, रोहन मुस्तफा, स्कॉट कुगलेइजन, सैफ जÞैब, ब्रैंडन मैकमुलेन ।
अबतक हुए खेल में जनकपुर बोल्ट्स को सबसे ज्यादा अंक मिले हैं । उसने तीन मैच खेले हैं तीनों में जीत हासिल की है । उसे कुल मिलकार ६ अंक मिले हैं । दूसरे स्थान पर सुदुरपश्चिम रॉयल्स हैं जिसे ४ अंक मिले हैं ।

कार्यकारी संपादक, हिमालिनी ऑनलाइन,
www.himalini.com

