दो क्याफे सञ्चालन में, आम्दानी का१५ प्रतिशत सामाजिक काम में
नेपालगञ्ज/(बाँके) पवन जायसवाल । बाँके जिला की नेपालगञ्ज में एक ही दिन में औपचारिक रुप में शुभारम्भ किया गया दो क्याफे से हुई आम्दानी रकम की १५ प्रतिशत सामाजिक काम में खर्च करने के लिये सञ्चालक ने उद्घोष किया है ।
नेपालगञ्ज उप–महानगरपालिका वार्ड नं. १० गणेशमान चौक स्थित अन्नपूर्ण ग्याष्ट्रो केयर अस्पताल की बगल में शुक्रवार औपचारिक शुभारम्भ किया गया सेभेन क्याफे और मयुरा क्याफे से आम्दानी की १५ प्रतिशत विभिन्न सामाजिक, शिक्षा तथा विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम में खर्च किया जाएगा घोषणा सञ्चालक वरिष्ठ पेट रोग विशेषज्ञ डा. गौरव श्रेष्ठ ने किया ।
डा. गौरव श्रेष्ठ ने कुछ समय इधर विभिन्न सामाजिक, शिक्षा, मानवीय तथा विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजन करते आये हैं गोपाल– नीना फाउण्डेसन नेपाल को सहयोग करने की जानकारी देते हुये गणेशमान चौक की आसपास में ६÷७ अस्पताल और सरकारी कार्यालय भी रही है और वहाँ पर आने वाले विमारी, विमारी को रखेदेख करने वाले, कर्मचारी लगायत लोगों के लिये अच्छी चाय पानी (खाजा नास्ता की दुकान और क्याफे नही रही है वो लोगों को ही लक्षित करके दो क्याफे सञ्चालन में लाया गया है बताया ।
वह फाउण्डेसन बि.सं.२०३९ साल से ही नेपालगञ्ज में चिकित्सा सेवा में कार्यरत पश्चिम नेपाल के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ फिजीसियन डा. गोपाल प्रसाद श्रेष्ठ और प्रसिद्ध वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ डा. नीना श्रेष्ठ की नाम में उनके सुपुत्र वरिष्ठ पेटरोग विशेषज्ञ डा. गौरव श्रेष्ठ के अध्यक्षता में नेपालगञ्ज उप–महानगरपालिका वार्ड नं.–१० में बि.सं २०७९ साल फाल्गुन महीने में स्थापना किया गया है ।
प्रसिद्ध वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ डा. नीना श्रेष्ठ ने रिबन काटकर क्याफे की उद्घाटन की सेभेन क्याफे और मयुरा क्याफे स्थानीय औ से अलग और विशिष्ठ प्रकार की आकर्षक बगिचा सहित सुन्दर इन्टेरियर डिजाइन ही क्याफे की मुख्य विशेषता रही है । मनमोहक वातावरण में ग्राहक की स्वास्थ्य को भी मध्यनजर करते हुये चाय कफी से लेकर नास्ता (खाजा, खाना की परिकारें, पेय पदार्थ, फाष्ट फूड लगायत की शाकाहारी उपभोग्य चीज क्याफे में उपलब्ध कराया गया है ।
वह क्याफे शुभारम्भ की अवसर पर कार्यक्रम की सहजीकरण करते हुये वरिष्ठ पत्रकार पूर्णलाल चुके ने मानव को स्वस्थ रहने के लिये औषधि उपचार मात्र नही स्वस्थकर खानापिन में भी ध्यान देना पडता है इस मान्यता की अनुसार क्याफे खोला गया है । दो क्याफे में स्वस्थकर और गुणस्तरीय परिकार बनाने में जोड दिया ।
कुछ समय इधर सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता देखाते आ रही गोपाल– नीना फाउण्डेसन नेपाल को क्याफे से हुई आम्दानी की १५ प्रतिशत रकम सहयोग करने की घोषणा प्रति खुशी व्यक्त करते हुये डा. गौरव श्रेष्ठ की मातहत में रही अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धि व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से भी गोपाल– नीना फाउण्डेसन नेपाल को आम्दानी की १५ प्रतिशत रकम सहयोग उपलब्ध कराते आई है जानकारी वरिष्ठ पत्रकार पूर्णलाल चुके ने जानकारी दी । उनकी अनुसार अभी तक फाउण्डेसन को अन्य किसी भी दातृसंस्थाएँ से सहयोग नही प्राप्त हुई है ।
सञ्चालन में आई सेभेन क्याफे में कफी पारखीयों ने अरेबि की काफी विन्ज की स्वाद पायेंगे । आठवी शताब्दी ताका इथियोपिया स्थित कफा प्रान्त से बकरी को रेखदेख करने वालों ने पत्ता लगाई काफी संसार भर विस्तार हुई है माना जाता है । साथ ही दोनों क्याफे में अन्य परिकार समेत उपलब्ध कराया जयाएगा क्याफे सञ्चालक ने जानकारी दी है ।
पिछले कुछ वषों में नेपालगञ्ज में काफी और क्याफे संस्कृति की निरन्तर विकास होते गई है ।
विभिन्न प्रकार की काफी की ब्राण्ड चल रही नेपालगञ्ज में अरेबिका की स्वाद के लिये गार्डेन सहित उपयुक्त वातावरण सेभेन क्याफे ने उपलब्ध करायी है ।
उल्लेखनीय बात वह है, संसार के विभिन्न देश मध्ये सत्र से अधिक काफी प्रयोग होनेवाली देश फिनल्याण्ड है । वहाँ के व्यक्तियों ने प्रति वर्ष १२.२ केजी काफी प्रयोग करते हैं । काफी में मिल्नेवाली मुख्य तत्व क्याफिन है । क्याफिन ने मानव की स्नायु प्रणाली को प्रभाव करती है । यह एक प्राकृतिक रासायनिक तत्व के अन्दर पडती ।
प्रतिदिन एक ब्यक्ति ने अधिक में ४०० मिलिग्राम क्याफिन सेवन कर सकते है । विभिन्न अध्ययनों ने दिखाई है । स्ट्याण्डर्ड मापदण्ड ३–४ कप काफी में ४०० मिलिग्राम क्याफिन पहँचती है । काफी के विन्ज भूजके पीसकर पाउडर करके काफी को ९०–९६ सेल्सियस में तयार किया जाता है । वह कार्यक्रम में स्पईडिहा पत्रकार संघ के अध्यक्ष शेर सिंह कसौंधन और इरसाद हुसैन लगायत नेपालगञ्ज के पत्रकारों की सहभागिता रही थी ।



