विवादों के बीच गृहमंत्री सुधन गुरुङ ने दिया इस्तीफा, कहा– मेरे ऊपर निष्पक्ष जांच किया जाए
काठमांडू, २२ अप्रैल । लगातार बढ़ती आलोचनाओं के बाद गृहमंत्री सुधन गुरुङ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है । विवादित कारोबारी के साथ शेयर कारोबार में संलिप्तता के आरोप झेल रहे गुरुङ ने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन) को सौंपा ।
प्रधानमंत्री शाह ने पदभार ग्रहण करने के उसी दिन मंत्रिपरिषद् का गठन किया था, और उसी दिन गुरुङ को गृहमंत्री नियुक्त किया गया था । शुरुआती दिनों में उच्च पदस्थ अधिकारियों की गिरफ्तारी के चलते चर्चा में रहे गुरुङ हाल के समय में आलोचनाओं के केंद्र में आ गए थे । उच्च स्रोतों के अनुसार, राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के सभापति रवि लामिछाने से परामर्श के बाद ही गुरुङ ने प्रधानमंत्री के समक्ष इस्तीफा दिया ।
इस्तीफे की जानकारी गुरुङ ने सामाजिक सञ्जाल फेसबुक के माध्यम से दी । उन्होंने लिखा, “मैं, सुधन गुरुङ, २०८२ चैत १३ गते से गृहमंत्री के रूप में ईमानदारी से जिम्मेदारी निभा रहा था । हाल के दिनों में मेरे शेयर और अन्य विषयों को लेकर नागरिक स्तर से उठे सवालों, टिप्पणियों और जनचिंताओं को मैंने गंभीरता से लिया है ।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए पद से बड़ा नैतिकता का महत्व है और जनविश्वास से बड़ी कोई शक्ति नहीं । देश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर उठ रहा जेन–जी आंदोलन भी यही संदेश देता है—सार्वजनिक जीवन स्वच्छ होना चाहिए और नेतृत्व जवाबदेह ।”
गुरुङ ने अपने खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग भी की है । उनका कहना है कि पद पर रहते हुए जांच होने से हितों के टकराव की आशंका रहती है, इसलिए उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया । उन्होंने कहा, “४६ भाइयों–बहनों के रक्त और बलिदान की बुनियाद पर बनी सरकार पर अगर सवाल उठते हैं, तो उसका उत्तर नैतिकता से ही दिया जाना चाहिए । इसी उद्देश्य से मैंने गृहमंत्री पद से इस्तीफा दिया है ।”
इस्तीफे के बाद राजनीतिक वृत्त में हलचल तेज हो गई है और अब गुरुङ से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच पर सबकी नजर टिकी हुई है ।

