दीपक भट्ट प्रकरणः अन्य वीआईपी उद्योगपतियों के नाम भी आए सामने, शेयर बाजार में हेरफेर का खुलासा

काठमांडू, २२ अप्रैल । विवादित कारोबारी दीपक भट्ट के खिलाफ की गई जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी गई है । संपत्ति शुद्धीकरण जांच विभाग के पत्र के आधार पर नेपाल धितोपत्र बोर्ड द्वारा किए गए सुपरिवेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि भट्ट और उनसे जुड़े नेटवर्क ने शेयर बाजार को प्रभावित करने, कीमतों में कृत्रिम उतार–चढ़ाव लाने और धोखाधड़ीपूर्ण कारोबार किया ।
रिपोर्ट के अनुसार, इस नेटवर्क में कुछ वीआईपी उद्योगपति और व्यवसायी भी शामिल पाए गए हैं । प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन–२०८३ के मुताबिक भट्ट ने भृकुटी स्टक ब्रोकिङ के माध्यम से वास्तविक भुगतान किए बिना ही बड़े पैमाने पर शेयरों की खरीद–बिक्री की है । जबकि प्रचलित कानून के अनुसार शेयर कारोबार केवल बैंक के माध्यम से होना चाहिए और कम से कम २५ प्रतिशत अग्रिम राशि जमा करना अनिवार्य है । लेकिन भट्ट के लेनदेन में इन नियमों का पालन नहीं किया गया ।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि भट्ट के साथ–साथ भृकुटी स्टक ब्रोकिङ के कार्यकारी प्रमुख संदीप चाचान ने भी धितोपत्र सम्बन्धी ऐन, २०६३ का उल्लंघन किया है । इसके अलावा, इस प्रकरण में शुभी अग्रवाल, ऋषिराज मोर और राजबहादुर शाह जैसे अन्य वीआईपी कारोबारियों के नाम भी सामने आए हैं, जो किसी न किसी रूप में भट्ट के साथ साझेदारी या कारोबारी संबंध में जुड़े पाए गए ।
रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद शेयर बाजार में पारदर्शिता और नियमन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं ।

