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रक्तदान करने से शरीर कमजोर नही होती

 

नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल । ब्लड डोनर सोसाइटी नेपाल की ५ वीं साधारणसभा एवं दूसरी  अधिवेशन गैंडाकोट नवलपरासी में सम्पन्न हुआ है । 

वह कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि तथा नेपाल के सर्वाधिक स्वयंसेवी शतक रक्तदाता प्रेमसागर कर्माचार्य ने रक्तदान के बारे में समाज में व्याप्त भ्रम चीरना ही अभी का मुख्य आवश्यकता रही है बताया ।

प्रमुख अतिथि प्रेमसागर कर्माचार्य ने गैंडाकोट नवलपरासी में आयोजित ब्लड डोनर्स सोसाइटी नेपाल की दूसरी केन्द्रीय अधिवेशन में बोलते हुये ऐसी बात बताया ।

उन्हों ने रक्तदान करने से शरीर कमजोर होती है लोग कहते हैं लेकिन वैसा नही है नयाँ खून बनने की प्रक्रिया सक्रिय हो करके शरीर पहले से और फुर्तिला होती है और स्वस्थ होती है अपनी अनुभव सुनाया ।

“अधिक लोगों को लगता है कि रक्तदान करने के बाद शरीर गलती है और कमजोरी होती है, लेकिन वो सब बिल्कुल गलत है । हमने १ सौ ८६ पटक रक्तदान कर चुका हूँ, मैं और स्वस्थ हूँ । हमारे शरीर में रहा  आखिर में स्वतः खराब होकर जाने वाला खून देने से किसी का जीवन बचाने में प्रयोग करना ही वास्तविक धर्म है ।

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प्रेमसागर कर्माचार्य ने रक्तदान को एक सामाजिक कर्तव्य के रूप में लेना चाहिए और नौ जवानों को इस में अग्रसरता दिखाने पर उन्हों ने जोड दिया । नियमित रक्तदान करने वाले ब्यक्तिओं को हृदयघात की जोखिम कम होती है, कोलेस्ट्रोल सन्तुलन में रखती है और शरीर में नयाँ रक्तकोषिका उत्पादन में मद्दत पहुँती है सन्देश प्रवाह किया गया है उन्हों ने बताया ।

सुई के डर अधिक लोग करते हैं व स्वास्थ्य बिगरी है सब डर को त्याग कर अस्पताल व रक्तदान केन्द्र तक पहूँच ने के लिये उन्हों ने सभी लोगों को प्रेरित किया । दान किया गया चीजें मध्ये खून ऐसी चीज है जिस का  और कोई विकल्प नही है, इस लिये “रक्तदान ही जीवनदान” नारा को  व्यवहार में लाने के लिये उन्हों ने सभी लोगों से आग्रह किया ।

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प्रेमसागर कर्माचार्य ने अपनी लम्बी अनुभव के आधार में रक्तदान करने से आत्म सन्तुष्टि भी मिलती है और वह मानसिक स्वास्थ्य में समेत सकारात्मक प्रभाव करती उल्लेख किया था । उन्हों ने ए भी कहा  नेपाल में खून की अभाव को शून्य में लाने के लिये प्रत्येक स्वस्थ नागरिक लोग  वर्ष में कम्ती में ४ बार रक्तदान करने के लिये अपनी धारणा रक्खा ।

ब्लड डोनर सोसाइटी नेपाल ने सर्वाधिक स्वयंसेवी रक्तदाता पे्रमसागर कर्माचार्य को सम्मान किया । ब्लड डोनर सोसाइटी नेपाल के अध्यक्ष अर्जुन अधिकारी के अनुसार प्रेमसागर कर्माचार्य ने अभी तक १ सौ ८६ पटक रक्तदान करके उन्हों ने समाज में उदाहरणीय योगदान पहूँचाया है  उन की यह योगदान से रक्तदान अभियान को सशक्त बनाने की साथ साथ नयें रक्तदाताओं को प्रेरणा देने की विश्वास किया गया है उन की  योगदान की उच्च कदर करते हुये सम्मान किया गया था ।

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ब्लड डोनर सोसाइटी नेपाल के अध्यक्ष अर्जुन अधिकारी के अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यक्रम में बालानन्द भण्डारी, भागिरथ बस्याल लगायत अतिथिओं रहें थे । साथ ही उसी अवसर पर ब्लड डोनर सोसाइटी नेपाल दूसरी अधिवेशन ने अन्जन दवाडी के अध्यक्षता में नई कार्यसमिति चयन की है । जिस में उपाध्यक्ष पद में रमेश नेपाल, सुरेन्द्र धिताल, मनरूपा पौडेल,महा सचिव पद में अञ्जन तिवारी और सदस्यों में पवन भुर्तेल, नारायण शर्मा, रामचन्द्र लम्साल, प्रवल के.सी., सुभाषचन्द्र अर्याल, माया भण्डारी और कुमार लामिछाने रहें हैं वह कार्यक्रम की सञ्चालन रमेश नेपाल ने किया था । वह कार्यक्रम के सभाध्यक्ष ब्लड डोनर सोसाइटी नेपाल के अध्य्यक्ष अर्जुन अधिकारी ने कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि एवं नेपाल स्वयंसेवी रक्तदाता समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष तथा स्वयंसेवी शतक रक्तदाता प्रेमसागर कर्माचार्य को दोसल्ला ओढाकर सम्मान–पत्र प्रदान करके सार्वजनिक अभिनन्दन किया था ।

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