परिक्रमा-१, गाजे-बाजे के साथ डोला कल्याणेश्वर के लिए प्रस्थान, मेयर ने किया विदाई
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । मिथिला का पौराणिक पंद्रह दिवसीय परिक्रमा जनकपुरधाम के हनुमान नगर से गाजे-बाजे के साथ मिथिला बिहारी का डोला कल्याणेश्वर के लिए प्रस्थान किया। जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह ने डोला को पुष्प बृष्टि कर विदा किया। डोला के साथ बड़ी संख्या में साधु संत तथा आम श्रद्धालु भी कल्याणेश्वर के लिए प्रस्थान किए।कुआ, रामपुर,अकौरा ,भररिया आदि स्थानों में ग्रामीणों ने डोला को स्वागत किया। जनकपुरधाम से 15किलोमीटर दूर। केचुरी से मिथिला बिहारी का डोला जानकी मंदिर, रत्न सागर,सुंदर सदन होते हुए गुरुवार को हनुमान नगर पहुंचा था, जहां डोला का बिश्राम हुआ। शनिवार को डोला गिरिजा स्थान पहुंचेगा। रविवार को डोला मटिहानी, सोमवार को जलेश्वर, मंगलवार को मड़ई, बुधवार को ध्रुव कुंड, गुरुवार को कंचन बन, शुक्रवार को पर्वता, शनिवार को धनुषाधाम, रविवार को सतोखर, सोमवार को औरही, मंगलवार को करूणा, बुधवार को बिसौल, गुरुवार को कल्याणेश्वर होते हुए जनकपुरधाम पहुंचेगा। शुक्रवार को पंचकोसी परिक्रमा के बाद पंद्रह दिवसीय परिक्रमा की समाप्ति होती है। प्रत्येक पडाव पर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा साधु संतों को भोजन एवं जलावन की व्यवस्था करते हैं। स्थानीय सरकार द्वारा रोशनी , पेयजल तथा सुरक्षा की व्यवस्था किया जाता है। स्थानीय क्लब द्वारा भी परिक्रमावासी को सेवा प्रदान करते हैं।इस परिक्रमा की दूरी 105किलोमीटर है।इस परिक्रमा में अयोध्या,बनारस, हरिद्वार सहित नेपाल भारत से हजारों साधु संत,नागा शामिल होते है। इसी तरह एक लाख से अधिक श्रद्धालु भी पंद्रह दिनों का परिक्रमा करते हैं। जानकी मंदिर, सुंदर सदन सहित कई मठ मंदिरों ने खालसा लगाए हैं।यह भी एक प्रकार का कुंभ है, जहां सनातनियों को जमाबड़ा रहता है।


