प्रधानमन्त्री ओली को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं हैः प्रचण्ड

काठमांडू, ७ मार्च । नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) के अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ ने कहा है कि प्रधानमंत्री केपीशर्मा ओली कार्यसम्पादन मूल्यांकन में फेल हो चुके हैं, इसलिए उनके पास प्रधानमंत्री पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है ।
सर्लाही जिला स्थित ब्रहम्पुरी में आयोजित जागरण सभा को संबोधित करते हुए, उन्होंने ऐसा कहा है । ओली पर शिक्षकों का अपमान करने का आरोप भी प्रचण्ड ने लगाया है । उन्होंने कहा– ‘देश के प्रधानमंत्री के पद पर बैठा व्यक्ति जब गैर–जिम्मेदार तरीके से शिक्षकों को नीचा दिखाने और अपमानित करने वाले बयान देता है, तो यह साफ हो जाता है कि ऐसे नेतृत्व से शिक्षा विधेयक का उचित संशोधन और पारित होने की उम्मीद नहीं की जा सकती ।’
अध्यक्ष प्रचण्ड ने आगे कहा– “प्रधानमंत्री ने शिक्षकों का यह कहकर अपमान किया कि एसईई परीक्षा में केवल ४८% छात्र पास होते हैं । लेकिन जब खुद प्रधानमंत्री का कार्यसम्पादन मूल्यांकन २८%, २१% और ७% तक गिर चुका है, तो उन्हें क्या कहा जाए ? असली ‘फेल’ तो देश के प्रधानमंत्री हैं । क्या उन्हें इसकी नैतिक जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए ?’
अध्यक्ष प्रचण्ड को यह भी मानना है कि बजट का उचित प्रबंधन न करना, शिक्षकों को वेतन–सुविधा और सम्मान न देना, और फिर उल्टा उनका अपमान करना, यह प्रधानमंत्री की चरित्र है । उन्होंने आगे कहा– ‘ऐसे प्रधानमंत्री को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार भी नहीं है, और इसका असर अब जनता भी देख रही है ।’

