पत्रकार के बिरुद्ध लगाया गया झूठा मुद्दा सरकार द्वारा फिर्ता
नेपालगन्ज, (बाँके) पवन जायसवाल, २०७१ फाल्गुन २१ गते ।
बाँके जिला में पत्रकारों के बिरुद्ध लगाया गया झूठा मुद्दा सरकार ने अन्ततः कडा दवाव के बाद वापस ले लिया है ।
समाचार संकलन के लिये कार्यक्षेत्र में रहे नेपाल पत्रकार महासंघ बाँके जिला शाखा के सचिव तथा सगरमाथा टेलिभिजन के नेपालगन्ज संवाददाता तिलक गाउँले, शाखा के साधारण सदस्य तथा माउण्टेन टेलिभिजन के नेपालगन्ज संवाददाता आकाश देवकोटा के उपर लगाया गया सार्वजनिक अपराध की मुद्धा नेपाल पत्रकार महासंघ बाँके शाखा, क्षेत्रीय समन्वय समिति तथा केन्द्रीय समिति लगायत विभिन्न संघ– संगठनों के कडा दवाव के बाद अन्तत: फिर्ता हुआ ।
पत्रकार के बिरुद्ध अख्तियार के छायें में प्रहरीद्वारा झुठा मुद्दा चलाने के बाद नेपाल पत्रकार महासंघ बाँके के नेतृत्व में बाँके जिला के पत्रकारों ने कुछ दिनों से चरणवद्ध आन्दोलन में रहे थे ।
माघ महीनें के २३ गते को बाँके जिला के नेपालगन्ज मुख्य बाजार धम्बोझी चौक के पास रहा क्रसरोड रेष्टूरेन्ट में सादा पोशाक ( घुमुवा) प्रहरी इन्चार्ज सई सुमन खरेल को अख्तियार क्षेत्रीय कार्यालय कोहलपुर ने छापा मारकर २५ हजार रुपैया के साथ पकडा था । सूचना पाकर उसी जगह रोडपर समाचार संकलन करने के लियें पहुँचे थे नेपाल पत्रकार महासंघ बाँके जिला शाखा के सचिव एवं सगरमाथा टेलिभिजन के नेपालगन्ज संवाददाता तिलक गाउँले तथा शाखा के साधारण सदस्य तथा माउण्टेन टेलिभिजन के नेपालगन्ज संवाददाता आकाश देवकोटा घटना की दृश्य छायाँकन (भिजुअल) खीचा उसी के आधार में बिना प्रमाण के आधार में मुद्दा दर्ज किया गया था ।
घटना के दूसरे दिन अख्तियार क्षेत्रीय कार्यालय कोहलपुर ने पत्रकारद्वय को खीचा हुआ (फुटेज) के लियें मानसिक दवाव भी दियें थे ।
वडा प्रहरी कार्यालय नेपालगन्ज के हेम शाही के जाहेरी में दो लोग पत्रकार के साथ ५ लोगों के बिरुद्ध सार्वजनिक अपराध सम्बन्धि मद्दा दर्ज किया गया था । माघ महीनें के २५ गते को ही मुद्दा दर्ज हुआ था उस के २० दिन के बाद मात्र सार्वजनिक हुआ था ।
आन्दोलन के क्रम बढ्ते जाते देखकर सरकार ने पत्रकार बिरुद्ध लगाया गया झुठा मुद्दा फाल्गुन २० गते को वापस लिया है ।

